NewsWave Desk : वैश्विक कूटनीति के मानचित्र पर भारत की मजबूत होती स्थिति और प्रवासी भारतीयों की सांस्कृतिक ताकत का एक नया अध्याय आज ऑकलैंड में लिखा गया. करीब 40 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के न्यूजीलैंड पहुंचने पर पूरा ऑकलैंड भारत के रंग में सराबोर नजर आया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में सजे इस भव्य मंच ने न सिर्फ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सेतु को मजबूत किया, बल्कि सात समंदर पार रहने वाले भारतीयों की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को भी एक नया आयाम दे दिया.
मिनी इंडिया बना ऑकलैंड
इस कम्युनिटी इवेंट की सबसे बड़ी यूएसपी USP भारत की विविध संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन रहा. पंजाब के भांगड़े की थाप से लेकर तमिलनाडु के पारंपरिक लोकनृत्य और कर्नाटक-हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की जुगलबंदी ने समां बांध दिया. जब ऑकलैंड के स्पार्क एरीना में वंदे मातरम की गूंज उठी, तो पूरा हॉल भारत माता के जयकारों से गूंज उठा. पीएम PM मोदी ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पीढ़ियों से अपनी जड़ों और समृद्ध विरासत को संजो कर रखा है.

40 साल की कूटनीतिक दूरी मिटी
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि 1986 के बाद पहली बार भारत का कोई शीर्ष नेता न्यूजीलैंड की धरती पर द्विपक्षीय संबंधों को नई धार देने पहुंचा है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने खुद आगे बढ़कर पीएम PM मोदी का स्वागत किया. इस भव्य स्वागत के सम्मान में ऑकलैंड की प्रतिष्ठित ‘स्काई टावर’ को खास रोशनी से जगमगाया गया, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते जा रहे रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों का प्रतीक है.
दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु
अपने संबोधन में पीएम PM मोदी ने नाद वोकल एनसेंबल’ की संगीत प्रस्तुति की विशेष तारीफ की. उन्होंने रेखांकित किया कि संगीत और संस्कृति ने हमेशा सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ा है. यह आयोजन महज एक कम्युनिटी मीट नहीं, बल्कि नए भारत की उस सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन था, जो आज पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है.
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