Lohardaga: जिले में मानसून के दौरान लगातार बदलते मौसम और आंधी-तूफान के साथ वज्रपात की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए द्वारा जनहित में विस्तृत सुरक्षा निर्देश जारी किए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि साधारण सावधानियां अपनाकर वे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.
अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
जिला प्रशासन के अनुसार आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं अचानक होती हैं, इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों और अलर्ट पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. लोगों को यथासंभव घर के भीतर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से बच्चों और पालतू जानवरों को घर के अंदर सुरक्षित रखने को कहा गया है.

किसानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी
खेती-बाड़ी में लगे किसानों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, गीले खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होने की स्थिति में तुरंत कार्य बंद कर किसी सूखे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, तालाब, झील, पार्क, खेल मैदान और खुले वाहनों के आसपास रहना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
ऊंचे पेड़ों और बिजली के तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने का निर्देश
प्रशासन ने लोगों को ऊंचे पेड़ों, बिजली के तारों, रेल पटरियों, धातु की बाड़, टेलीफोन तारों और अन्य विद्युत संचालन करने वाली वस्तुओं से पर्याप्त दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया है. वन क्षेत्रों में मौजूद लोगों को ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और छोटे पेड़ों के नीचे शरण लेने की सलाह दी गई है, इसके अलावा पहाड़ियों, टीलों और पर्वतों जैसे ऊंचे स्थानों से तत्काल नीचे उतरकर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है. वज्रपात की स्थिति में लोगों को समूह में एकत्रित नहीं होने और कम से कम 15 फीट की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने यह भी कहा है कि मोबाइल फोन और लोहे की छड़ों वाली छतरियों का उपयोग करने से बचना चाहिए.
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प्रशासन ने लोगों से की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वज्रपात या आंधी-तूफान से संबंधित घटना की सूचना तत्काल संबंधित अंचल अधिकारी(CO), जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अथवा अपर समाहर्ता कार्यालय को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके.जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने बिजली गिरने से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है. अधिकारियों के अनुसार बिजली से प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है, यदि पीड़ित की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो तो तत्काल CPR और कृत्रिम श्वसन प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए तथा उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए


