Ranchi. झारखंड बनने के बाद रांची जिला में जमीन की कीमत अचानक छह गुणा बढ़ गई. जिसके कारण साइबर ठगी से अधिक जमीन के नाम पर ठगी के मामले प्रकाश में आने लगे. इसमें कई मामले थाने पहुंचे. जमीन के नाम पर ठगी के आंकड़े देखें जाएं तो राजधानी के विभिन्न थानों में जमीन के नाम पर ठगी के केस दर्ज हैं. छह माह में राजधानी के अलग-अलग थानों में 60 से अधिक केस दर्ज हुए हैं. पॉश इलाके, रिंग रोड व एनएच के किनारे जमीन के नाम पर ठगी के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. देखा जाए तो राजधानी में सबसे अधिक ठगी के मामले बीआईटी ओपी, सदर थाना, खेलगांव थाना, जगन्नाथपुर थाना और पुंदाग ओपी में आते हैं.
राजधानी में बसने की चाह ने ठगे गये कई लोग
राजधानी बनने के बाद जमीन की कीमतों में अचानक पांच से छह गुणा वृद्धि हो गई. सरकारी कीमत आज भी काफी कम है. झारखंड की राजधानी बनने के बाद यहां दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया. जो भी यहां आया, वह रांची की राजधानी का होकर रह गया. उनके मन में जमीन खरीदने की इच्छा भी प्रबल हो गई, क्योंकि राजधानी में बाहर से आए लोग विभिन्न तरह के व्यवसाय करने लगे और उनकी आमदनी भी काफी अधिक होने लगी. आय बढ़ने से वे राजधानी में जमीन व घर की तलाश करने लगे. इससे दलालों की चांदी हो गई. उसके बाद शुरू हुआ जमीन के नाम पर ठगी का दौर.
दलाल एक ही जमीन को दो-दो, तीन-तीन बार बेचने लगे
वर्तमान में स्थिति यह है कि दलाल पूरी तरह सक्रिय हैं और एक ही जमीन को दो-दो, तीन-तीन बार बेचने लगे. कभी मालिक का फर्जी हस्ताक्षर कर नकली डीड बना लेते हैं, तो कभी फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर लोगों को ठगना शुरू कर देते हैं. कई बार तो जमीन मालिक को पता भी नहीं रहता और उनके नाम पर जमीन का एग्रीमेंट भी कर दिया जाता है. एग्रीमेंट करने के बाद जब खरीदार को पता चलता है कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं, उसके बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज होती है. लेकिन पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी खरीदार का कभी पूरा पैसा नहीं निकल पाता.
केस स्टडी-वन
पुंदाग ओपी क्षेत्र की डीएवी आलोक के समीप रहने वाली महिला रीना देवी ने नेवरी विकास में पांच एकड़ जमीन देने के नाम पर 39.61 लाख रुपये की ठगी होने का आरोप लगाया. इस संबंध में उन्होंने पुंदाग ओपी में आवेदन दिया, जिसके आधार पर जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी में उन्होंने डोरंडा निवासी प्रियतोष कुमार सिंह, साहू हर्षद प्रदीप और बिरसा चौक, कटहल कोचा निवासी विजेंद्र को आरोपी बनाया है. प्राथमिकी दर्ज होने के पहले आरोपियों ने समझौता किया और कुछ चेक भी दिए. लेकिन सभी चेक बाउंस कर गए. बाद में उन लोगों ने कुछ रुपये वापस किए. लेकिन प्राथमिकी के अनुसार महिला का 16.31 लाख रुपये अभी भी आरोपियों के पास बकाया है.
केस स्टडी-दो
सदर थाना क्षेत्र के टंकरा टोली (वॉक्सपोल फैक्ट्री) के समीप दो कट्ठा जमीन के नाम पर जय रंजन कुमार से 10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. मामले में मेजर मनोज कुमार के भाई राजीव कुमार, मोकीम अंसारी और ममता कुमारी को सात कट्ठा जमीन की खरीद-बिक्री का अधिकार दिया गया था. कालांतर में मेजर मनोज कुमार की मृत्यु हो गई. उसके बाद उक्त आरोपियों ने जय रंजन कुमार का 10 लाख रुपये हड़प लिया. तब जय रंजन कुमार ने राजीव कुमार, मोकीम अंसारी और ममता कुमारी को ठगी का आरोपी बनाते हुए सदर थाना में केस दर्ज किया.
