Ranchi: रांची नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद बेघर हुई महिला का दर्द शनिवार शाम बड़ा राजनीतिक और मानवीय मुद्दा बन गया. दिन में बुलडोजर की कार्रवाई में मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय के पास महिला का आशियाना उजड़ गया, जबकि देर शाम रांची की मेयर रौशनी खलखो खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं.
कार्यवाई के पहले कोई सूचना नहीं मिली
सड़क किनारे परिवार और घरेलू सामान के साथ बैठी महिला से मेयर ने पूरी घटना की जानकारी ली. महिला ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उन्हें पर्याप्त सूचना नहीं दी गई, जिससे उनका घर उजड़ गया और पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया.
सरकारी आवास उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
महिला की बात सुनने के बाद मेयर ने नगर निगम अधिकारियों को तत्काल अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. साथ ही पात्रता के आधार पर सरकारी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का भी आश्वासन दिया. हालांकि पीड़ित महिला बार – बार कहीं जाने से मन कर रही थी. महिला का कहना था कि अपना सामान छोड़ कर वो कहीं नहीं जाएंगी.
रांची कॉलेज के पीछे सरना टोली तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया
गौरतलब है कि शनिवार को नगर निगम ने मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय के पास ऑक्सीजन पार्क की चार दीवारी से लेकर रांची कॉलेज के पीछे सरना टोली तक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. निगम का कहना है कि सड़क पर कब्जे के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था. इसी अभियान में तिरुपति टावर के पास गिफ्ट-डीड की जमीन पर बनी अवैध दुकान और हरमू रोड स्थित शनि मंदिर के आसपास के अतिक्रमण भी हटाए गए.
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