Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) के अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए संगठन को निर्देश दिया है कि पांच याचिकाकर्ताओं को वर्ष 2019 से असिस्टेंट कमिश्नर पद पर पदोन्नति देने के मामले पर विचार कर उनकी पदोन्नति की तिथि 2024/2025 के बजाय 2019 से प्रभावी करने संबंधी आदेश 8 सप्ताह के भीतर जारी करे, न्यायाधीश दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि वर्ष 2017 से 2024 तक पूरे संगठन में भर्ती नियम, 2017 लागू थे और अन्य पात्र कर्मचारियों को उसी के अनुसार पदोन्नति एवं अन्य लाभ मिले, लेकिन याचिकाकर्ताओं को इन लाभों से वंचित रखा गया, जबकि स्वयं CMPFO ने अपने जवाब में स्वीकार किया था कि चार वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने के बाद वे असिस्टेंट कमिश्नर पद पर पदोन्नति के पात्र थे, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2024 और 2025 में दी गई पदोन्नति से याचिकाकर्ताओं का वर्ष 2019 से पदोन्नति पाने का अर्जित अधिकार समाप्त नहीं हो जाता, इसलिए याचिकाकर्ता संख्या 6 को छोड़कर शेष पांच याचिकाकर्ताओं के मामले में 2019 से पदोन्नति देने पर विचार कर आवश्यक आदेश जारी किए जाएं. इसके साथ ही अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया.
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