Jamshedpur : जिला में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. पिछले 14 दिनों में 93 हजार से ज्यादा लोगों की जांच में 1,441 मरीज पॉजिटिव पाए गए. पोटका में 5 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थय विभाग ने 12 चिकित्सकों को शो-कॉज किया है. वही CHC प्रभारी डॉ. रजनी कुमार महाकुड़ को 4 दिन पहले ही निलंबित किया जा चुका है. जिला में संक्रमण बढ़ने से स्वास्थय विभाग अलर्ट मोड में है. 29 नवंबर से 12 दिसंबर तक चले सघन जांच अभियान में 93 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई. इसमें 1,441 लोग मलेरिया पॉजिटिव मिले है. सबसे ज्यादा मामले पोटका प्रखंड से सामने आए है. इसके अलावा डुमरिया, मुसाबनी, घाटशिला और पटमदा में भी मरीजों की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों और स्वास्थय विभाग की टीम गांव-गांव में जांच और उपचार में जुटी है. जिससे ब्रेन मलेरिया के कहर को रोका जा सके.
पांच बच्चों की मौत के बाद जारी हुआ नोटिस
पोटका में 5 बच्चों की मौत के बाद विभाग ने लापरवाही बरतने वाले 12 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. चार दिन पहले पोटका सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के प्रभारी डॉ. रजनी कुमार महाकुड़ को भी निलंबित किया गया था.
बुखार आने पर तुरंत जांच कराये सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने कहा कि सभी संक्रमित मरीजों का इलाज एमजीएम अस्पताल, परसुडीह सदर अस्पताल और जिले के विभिन्न स्वास्थय केंद्रों में किया जा रहा है. प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मलेरिया जांच, दवा वितरण, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. लोगों से अपील है कि बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं, मच्छरदानी का उपयोग करें और आसपास पानी जमा न होने दे.
वहीं, स्वास्थय विभाग का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए सभी संसाधन लगाए गए है. आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके.
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