Koderma: अखिल भारतीय धोबी महासंघ, जिला इकाई कोडरमा की ओर से रविवार को जयनगर स्थित सांस्कृतिक भवन में “ज्ञान रत्न प्रतिभा सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया. समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संत गाडगे महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. समारोह का उद्घाटन महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष खगेंद्र राम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मनिंदर राम ने की, जबकि मंच संचालन सुमित कुमार और मिथिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया.
शिक्षा समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव: सुरेश कुमार बैठा
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय धोबी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सह कांके विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है. उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि समाज के अन्य बच्चों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का माध्यम है.
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया था. उनके विचार आज भी समानता, न्याय और प्रगति का मार्ग दिखाते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन और संस्कार को जीवन का आधार बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की.
प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना संगठन का उद्देश्य
महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाल गोविंद राम ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष मैट्रिक और इंटर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करता है. इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है.
जिला अध्यक्ष मनिंदर राम ने कहा कि ज्ञान रत्न प्रतिभा सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस कार्यक्रम को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
सामाजिक समानता और बेहतर शिक्षा पर जोर
जिला परिषद सदस्य महादेव राम ने कहा कि सामाजिक भेदभाव आज भी चिंता का विषय है. उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों को अपनाते हुए समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत बताई.जिला सचिव प्रकाश रजक ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया.
विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र
शिक्षाविद राम रतन अवध्या ने कहा कि कक्षा 10 और 12 की परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है. उन्होंने छात्रों से नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की.उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें बेहतर माहौल और मार्गदर्शन देने का आग्रह किया.समारोह में समाज के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती को लेकर भी चर्चा की गई.
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