100 दिनों में हो जा रही ACB से गिरफ्तार CO की बेल, तीन साल में तीन CO रांची से अरेस्ट

Vinit Abha Upadhyay Ranchi : झारखंड में भ्रष्ट अफसरों और भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने अपनी कार्रवाई तेज कर...

एसीबी

Vinit Abha Upadhyay

Ranchi : झारखंड में भ्रष्ट अफसरों और भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पिछले दो से तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिर्फ रांची जिले के अलग-अलग अंचल कार्यालयों में तैनात तीन अंचल अधिकारियों CO को एसीबी ACB ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है. हालांकि इस पूरी मुहिम में एक बड़ा लूपहोल भी सामने आ रहा है. एसीबी ACB जिस भी अफसर को पकड़ती है, उन्हें ज्यादा दिनों तक जेल में नहीं रख पा रही है. महज दो से तीन महीनों के भीतर ही ये सभी अधिकारी बेल (जमानत) पर बाहर आ जाते है और उसके बाद उन्हें दोबारा पोस्टिंग भी मिल जा रही है. उसके बाद ज्यादातर मामलों में एसीबी ACB ट्रायल इसलिए शुरू नहीं कर पा रही क्योंकि अधिकारीयों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं मिल रही.

  • वर्ष 2023 से लेकर अब तक एसीबी ACB ने जमीन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और अंचल कार्यालय से जुड़े अन्य भूमि संबंधी कार्यों में रिश्वत लेने के आरोप में तीन सीओ CO को रंगे हाथों दबोचा है:
  • बुढ़मू अंचल (जुलाई 2026) : हालिया कार्रवाई में एसीबी ACB ने बुढ़मू के अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा और उनके एक राजस्व कर्मचारी को जमीन म्यूटेशन के बदले घूस लेते हुए गिरफ्तार किया.
  • रांची सदर अंचल : एसीबी ACB की टीम ने रांची सदर के तत्कालीन सीओ CO मुंशी राम को जमीन से जुड़े काम के एवज में 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था.
  • रातू अंचल (नवंबर 2023) : रातू के तत्कालीन सीओ CO प्रदीप कुमार को जमीन के एक मामले में 25 हजार रुपये की घूस लेते हुए एसीबी ACB ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया था.

ACB सिस्टम को दरकिनार कर कर रही कार्रवाई

एक तरफ जहां एसीबी ACB की इन कार्रवाइयों को भ्रष्टाचार पर प्रहार के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन ने इस पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई है. झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) के अध्यक्ष राहुल कुमार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन एसीबी ACB जिस तरह अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है, वह कतई उचित नहीं है. प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एक तय कानूनी सिस्टम और नियमावली बनी हुई है. एसीबी ACB इस सिस्टम को पूरी तरह दरकिनार कर कार्रवाई कर रही है. इस तरह के रवैये से फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल टूट रहा है. ताजा मामले में सीओ CO सचिदानंद को इसलिए अरेस्ट किया गया क्योंकि राजस्व कर्मी के भाई ने अपने बयान में सीओ CO का नाम लिया था. ऐसे में सवाल यह उठता है कि सीओ CO अगर अपने वरीय पदाधिकारियों का नाम ले लेते है, तो क्या जिला के वरीय पदाधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी?

 

ALSO READ : शर्मनाक: झारखंड में 3 साल की मासूम से दरिंदगी, पंचायत ने एक लाख का जुर्माना लगा मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, 20 हजार में उड़ी दारू-मुर्गे की पार्टी, देखे वीडियो

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *