News Wave Desk: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने देश की राजधानी नई दिल्ली में शुक्रवार को पहली बार अखिल भारतीय मीडिया कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया. इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आए मीडिया जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया. विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 380 से अधिक मीडिया प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस आयोजन को बेहद खास और व्यापक बनाया. इस वर्ष आयोजित की गई इस पहली कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना और चुनावों में मीडिया की भूमिका रखा गया था. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना तथा चुनावों में मीडिया की ज़िम्मेदारी व भूमिका पर विस्तृत चर्चा करना था.
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समवर्ती ऑडिट से सुनिश्चित होती है निष्पक्षता
सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय चुनावी व्यवस्था की साख और उसकी पारदर्शिता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि, भारत में चुनाव पूरी तरह से संविधान, स्थापित चुनावी कानूनों और समय-समय पर आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले कड़े निर्देशों के अनुसार ही आयोजित किए जाते हैं. इसमें किसी भी स्तर पर चूक की कोई गुंजाइश नहीं होती. मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे स्पष्ट किया कि भारत की चुनावी प्रक्रिया इतनी मजबूत है कि इसमें शामिल विभिन्न हितधारकों द्वारा पूरी चुनावी प्रक्रिया की समवर्ती (कंकरेंट) ऑडिट की जाती है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता.
95 करोड़ मतदाताओं के साथ जीवंत दस्तावेज है मतदाता सूची
भारत की विशाल मतदाता संख्या का जिक्र करते हुए ज्ञानेश कुमार ने देश की मतदाता सूची को एक गतिशील और जीवंत दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि आज इस सूची में लगभग 95 करोड़ भारतीय शामिल हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है. इस विशाल मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिहीन बनाए रखने के लिए उठाए गए वैधानिक सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, 12 लाख से अधिक बूथ स्तर के अधिकारी जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं. 15 लाख से अधिक बूथ स्तर के एजेंट इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं. ये सभी अधिकारी और एजेंट इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से समवर्ती लेखापरीक्षक (कंकरेंट ऑडिटर्स) के रूप में जुड़े हुए हैं, जो हर एक नाम और प्रविष्टि की प्रामाणिकता सुनिश्चित करते हैं.
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लोकतंत्र की जीवंतता का प्रमाण: रिकॉर्ड मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन चुनावों में अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह भारी मतदान देश की चुनावी व्यवस्था पर भारतीय मतदाताओं के अटूट विश्वास और हमारे लोकतंत्र की जीवंतता का सबसे प्रत्यक्ष और बड़ा प्रमाण है. भाषण के समापन पर, मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची को अपडेट और सटीक बनाने के लिए चलाई गई विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने इस महत्वपूर्ण और सजग प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए देश के सभी नागरिकों और मतदाताओं के प्रति दिल से आभार भी व्यक्त किया.
