Jamtara: जामताड़ा में सोमवार सुबह भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण के आवास पर पुलिस की छापेमारी के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और जिला पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
सुबह 5 बजे भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी का आरोप
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सोमवार सुबह करीब 5 बजे डीएसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण के घर पहुंचा. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से छापेमारी की गई, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी आतंकवादी के यहां कार्रवाई की जा रही हो. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान परिवार के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया.
भाजपा ने जांच समिति और सीसीटीवी फुटेज की उठाई मांग
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच समिति गठित की थी. इसके बावजूद अस्पताल में तोड़फोड़ के आरोप में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक दुर्भावना से फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ता दोषी हैं तो अस्पताल परिसर की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके.
स्वास्थ्य मंत्री और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और राज्य सरकार के इशारे पर बदले की भावना से की जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता निर्दोष हैं और पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी. साथ ही उन्होंने जामताड़ा पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस को निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.
डीजीपी से संपर्क नहीं होने का भी दावा
प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मामले में डीजीपी तदाशा मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया. उन्होंने इसे भी गंभीर मामला बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए.
प्रसूता की मौत के बाद हुआ था प्रदर्शन
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की इलाज के दौरान कथित लापरवाही से मौत हो गई थी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों की भारी भीड़ सड़क पर उतर आई थी और अस्पताल प्रशासन व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत कई भाजपा नेताओं ने भी भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी.
आठ लोगों पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बाद में अस्पताल में कथित तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा अन्य आरोपों के तहत जामताड़ा थाना में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण सहित आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई. इसी मामले में पुलिस सोमवार सुबह कार्रवाई करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष के आवास पर छापेमारी करने पहुंची.
प्रशासन ने कहा विधिसम्मत कार्रवाई
भाजपा ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. वहीं प्रशासन की ओर से मामले में विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है. दोनों पक्षों के दावों के बीच मामले को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
