Ranchi: बारिश के मौसम में डेंगू और चिकुनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. रांची शहरी क्षेत्र में इन बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी निगरानी के लिए क्षेत्रीय मलेरिया कार्यालय में कम्युनिटी वॉलंटियर्स और फाइलेरिया यूनिट के कर्मचारियों का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया.
विशेष ध्यान देने का निर्देश
प्रशिक्षण में कर्मचारियों को डेंगू और चिकुनगुनिया से बचाव, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने (सोर्स रिडक्शन), लार्वानाशी दवा के छिड़काव, संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय पर रिपोर्टिंग की पूरी जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि कूलर, गमले, पुराने टायर और अन्य जगहों पर पानी जमा नहीं होने देना ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शाहिद करीम साबरी ने कहा कि डेंगू और चिकुनगुनिया की रोकथाम में आम लोगों की भागीदारी सबसे अहम है. उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.
आसपास पानी जमा न होने दें
प्रशिक्षण में विभाग के अधिकारियों ने लार्वानाशी छिड़काव की तकनीक, सर्विलांस सिस्टम और मरीजों की पहचान की प्रक्रिया भी समझाई. कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने लोगों से अपील की कि वे अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें. तेज बुखार, शरीर में दर्द या डेंगू-चिकुनगुनिया जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
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