Palamu: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पलामू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक विवाद और विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए.
पेपर लीक से प्रभावित हुआ लाखों छात्रों का भविष्य
राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले से देश के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. ऐसे में न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनभावनाओं को समझने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है.
NTA की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
झामुमो जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए. उनका कहना था कि युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है.
छात्र आंदोलनों का लोकतंत्र में रहा है अहम योगदान
राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि भारत में छात्र आंदोलनों का इतिहास लोकतंत्र की दिशा तय करता रहा है. सत्ता को यह नहीं भूलना चाहिए कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, उन्होंने कहा कि जब-जब छात्रों ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, तब-तब बदलाव की नई इबारत लिखी गई, केंद्र सरकार को दमन नहीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता का रास्ता अपनाना चाहिए. इतिहास गवाह है कि छात्रों की आवाज को अनदेखा करने वाली सत्ता को अंततः जनता जवाब देती है.
केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग
राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने मांग की कि नीट अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केंद्र सरकार प्रभावी और ठोस कदम उठाए.
