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मजदूरों की मांगों पर नहीं बनी सहमति, दो दिन बाद भी नई कंपनियां नहीं कर सकी छाई उठाव आरंभ

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी (DVC) के ऐश पौंड में छाई उठाव का संकट फिलहाल टलता नजर नहीं आ...

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी (DVC) के ऐश पौंड में छाई उठाव का संकट फिलहाल टलता नजर नहीं आ रहा है. ऐश मैनेजमेंट से जुड़े दोनों जीएम राजेश विश्वास और एए कुजूर द्वारा दो दिनों तक लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद नई कंपनियों के जरिए छाई उठाव का काम शुरू नहीं हो सका है. शुक्रवार रात डीवीसी के निदेशक भवन में बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ की अध्यक्षता में मजदूरों और कंपनी प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी. इस बैठक में सकारात्मक बातचीत के बाद यह तय किया गया था, कि रात में ही छाई उठाव का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

मजदूरों ने कार्य शुरू नहीं होने दिया

बैठक के बाद जब रात करीब दस बजे शर्मा ट्रांसपोर्ट और बी-टू-वी कंपनी की ओर से काम शुरू करने की कोशिश की गई, तो ऐश पौंड में कार्यरत सभी 54 मजदूर, गोविंदपुर ‘ए’ पंचायत के पंसस अख्तर अंसारी, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए और काम शुरू नहीं होने दिया. मजदूरों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों और स्थानीय स्तर पर चल रही समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक छाई उठाव का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा.

पुलिस ने भी समझाने की कोशिश की

घटना की जानकारी मिलने के बाद बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार पासवान और मनोज कुमार सिंह भी मौजूद थे. पुलिस ने मजदूरों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर काम शुरू करवाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे सभी अधिकारी वापस लौट गए.

मजदूरों ने रखी वेतन बढ़ाने की मांग

शनिवार को डीवीसी के निदेशक भवन में एक बार फिर डीवीसी के जीएम एए कुजूर, राजेश विश्वास, कंपनी प्रतिनिधियों और मजदूरों के बीच बातचीत हुई. इस दौरान मजदूरों ने अपनी मांगें सामने रखीं. मजदूरों का कहना था कि अगर उनके पिछले चार महीने का बकाया भुगतान नहीं किया जा सकता, तो उनके दैनिक वेतन में 200 रुपये की बढ़ोतरी की जाए. उनका सुझाव था कि काम कर रही चारों कंपनियां अगर प्रति कंपनी 50 रुपये का योगदान दें, तो मजदूरों को प्रतिदिन 200 रुपये अतिरिक्त भुगतान किया जा सकता है.

हालांकि, कंपनियों ने पहले 50 रुपये बढ़ाने पर सहमति जताई, लेकिन बाद में इस पर भी असहमति जता दी. इसके चलते वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई.

छाई उठाव की रफ्तार बेहद धीमी

मजदूरों और कंपनियों के बीच जारी गतिरोध का असर छाई उठाव के काम पर साफ दिखाई दे रहा है. शनिवार को ऐश पौंड से राजगंज स्थित नेशनल हाईवे परियोजना के लिए केवल सात हाईवा छाई भेजी जा सकी, जबकि साइट-टू-साइट के लिए एक हाईवा लगाया गया.

कांटाघर के रिकॉर्ड के अनुसार शुक्रवार को सिर्फ पांच हाईवा, 12 मार्च को 13 हाईवा और 11 मार्च को 18 हाईवा छाई राजगंज भेजी जा सकी थी.

प्रतिदिन जमा हो रही हजारों टन छाई

ऐश पौंड में प्रतिदिन करीब 3 से 3.5 हजार मीट्रिक टन छाई जमा हो रही है, जबकि उसका उठाव एक हजार टन से भी कम हो पा रहा है. इससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है.

ऐश मैनेजमेंट के जीएम का कहना है कि मजदूरों की वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर मामला उलझा हुआ है. जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक नई कंपनियों के जरिए छाई उठाव का काम शुरू होना मुश्किल है.

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