रांची/ गढ़वा: गढ़वा जिले से प्रशासनिक चूक का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. जिले में हाल ही में जारी हुई राजस्वकर्मियों की स्थानांतरण सूची ने विभाग की गंभीरता की पोल खोल दी है. जिला प्रशासन ने एक ऐसे राजस्वकर्मी का तबादला कर दिया है, जिनका निधन चार महीने पहले ही हो चुका है. हाल ही में जिला मुख्यालय द्वारा जिले के राजस्वकर्मियों की एक नई स्थानांतरण सूची जारी की गई थी. इस सूची में भवनाथपुर अंचल में कार्यरत राजस्वकर्मी गौरव आनंद का नाम भी शामिल था. सरकारी आदेश के अनुसार, गौरव आनंद का तबादला भवनाथपुर अंचल से रंका अंचल में कर दिया गया है.

हैरानी की बात यह है कि गौरव आनंद अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनका निधन लगभग चार माह पूर्व ही हो चुका है. विभाग ने यह आदेश जारी करने से पहले यह जांचना भी जरूरी नहीं समझा कि जिस कर्मचारी को नई जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, वह जीवित भी है या नहीं.
प्रशासनिक तंत्र पर उठे सवाल
जैसे ही यह सूची सार्वजनिक हुई, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया. लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर जिला स्तर पर फाइलों का रखरखाव कैसे हो रहा है. स्थानीय निवासियों और अन्य कर्मचारियों का कहना है कि, यह सीधे तौर पर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का उदाहरण है. किसी भी कर्मचारी के निधन के बाद विभाग के पास इसकी सूचना होती है, फिर भी तबादला सूची में नाम आना सिस्टम की बड़ी खामी है.बिना डेटा वेरिफिकेशन और अभिलेखों की जांच के ही आदेशों पर हस्ताक्षर कर दिए गए.
कार्यालय की सफाई: पुराने डेटा का खेल
इस मामले पर जब अंचल कार्यालय के अन्य कर्मियों से बात की गई, तो उनका कहना है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया जिला स्तर से संचालित होती है. संभवतः सूची तैयार करते समय पुराने डेटाबेस का उपयोग किया गया और उसे अपडेट नहीं किया गया, जिसके कारण मृतक कर्मचारी का नाम रंका अंचल की सूची में शामिल हो गया.

