Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के बुड़ाकमान गांव में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान चंद्र मोहन सिंकु के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे गांव में जंगली हाथी के घुसने की सूचना फैलते ही ग्रामीण शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान चंद्र मोहन सिंकु अपने घर से कुछ दूरी पर हाथी को देखने के लिए बाहर निकले. तभी अचानक उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया. हाथी ने उन पर हमला कर दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से घायल चंद्र मोहन सिंकु को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जगन्नाथपुर ले जाया गया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों में भय, सुरक्षा की मांग
घटना के बाद बुड़ाकमान गांव में भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं. लोगों ने हाथियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
Also Read: अब NEET पेपर लीक मामले पर 23 को BJP दफ्तर घेरेगा प्रदेश कांग्रेस, आर-पार के मूड में कांग्रेस भी
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने घटना को लेकर वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि घटना की सूचना देने के लिए उन्होंने चाईबासा रेंजर, नोआमुंडी फॉरेस्टर और क्षेत्रीय वनरक्षक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया.
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय गांव में बिजली आपूर्ति बाधित थी. यदि बिजली रहती, तो हाथी की मौजूदगी का समय रहते पता चल सकता था और संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था. तिरिया ने मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा, सरकारी सहायता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
