दुमका एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं की सुरक्षा होगी पुख्ता: ATC कंट्रोल यूनिट का होगा जीर्णोद्धार

Ranchi: दुमका हवाई अड्डे से विमानों के सुरक्षित संचालन और रनवे की रोशनी प्रणाली को दुरुस्त करने की दिशा में कवायद शुरू...

AI Image

Ranchi: दुमका हवाई अड्डे से विमानों के सुरक्षित संचालन और रनवे की रोशनी प्रणाली को दुरुस्त करने की दिशा में कवायद शुरू कर दी गई है. हवाई अड्डे पर स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के उपकरण और कंट्रोल यूनिट को फिर से पूरी तरह क्रियाशील बनाया जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य रनवे पर लगे लाइट सिस्टम और दिशा सूचक उपकरणों को पूरी क्षमता के साथ चालू करना है, ताकि उड़ानों के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए.

सुरक्षा और आधुनिकता पर जोर

एयरपोर्ट अथॉरिटी का उद्देश्य सिर्फ स्पेयर पार्ट्स बदलना नहीं है, बल्कि पूरी प्रणाली को चालू हालत में लाना है. वर्तमान में दुमका एयरपोर्ट पर स्थापित कंट्रोलर उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. इस उपकरण का उपयोग रनवे 08 और 26 दोनों तरफ लगे पीएपीआइ लाइट्स को चुनिंदा रूप से चालू करने और लैंडिंग-टी (विजुअल लैंडिंग डायरेक्शन इंडिकेटर) को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. मरम्मत के बाद यह पूरी प्रणाली स्वचालित और सुचारू रूप से कार्य करने लगेगी, जिससे रात्रि या खराब मौसम में लैंडिंग बेहद आसान हो जाएगी.

समय-सीमा और गुणवत्ता पर सख्त नियम

काम की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सफल एजेंसी को वर्क ऑर्डर मिलने के 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना होगा. अधूरा काम छोड़ने पर कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. काम पूरा होने पर 100% भुगतान किया जाएगा, हालांकि कुल राशि का 10% हिस्सा सुरक्षा जमा के रूप में 6 महीने की ‘डिफेक्ट लायबिलिटी’ अवधि के लिए रोका जाएगा. यदि एजेंसी निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करती है या उपकरण 6 महीने के भीतर खराब प्रदर्शन करता है, तो उसे अगले 2 साल के लिए किसी भी सरकारी टेंडर में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.

क्या-क्या काम किए जाएंगे

• 24 वोल्ट (5 एम्पियर) और 12 वोल्ट (5 एम्पियर) के नए एसएमपीएस लगाना.
• 24 वोल्ट और 12 वोल्ट क्षमता के 4-4 रिले प्रदान करना.
• सर्किट और डिस्प्ले के लिए 60 माइक्रो एलईडी (सफेद) और 4 डीपीओ स्विच लगाना.
• सर्वो ट्रांसफार्मर के प्रोग्रामिंग कार्ड की मरम्मत करना.
• 25 एम्पियर (2 पोल, 220 वोल्ट) के 2 पावर कॉन्टैक्टर लगाना और श्रम कार्य (लेबर चार्ज).

Also Read: गुमला: नाबालिक छात्रा ने हाई टेंशन बिजली टावर में चढ़कर किया आत्महत्या का प्रयास, हालत गंभीर

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *