Ranchi : पूर्वोत्तर राज्यों में चिटफंड के नाम पर भारी रिटर्न का झांसा देकर हजारों निवेशकों से ठगी करने के आरोपी प्रयाग ग्रुप के मालिक वासुदेव बागची ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की है. इस याचिका में वासुदेव बागची ने प्रवर्तन निदेशालय ED की ओर से दर्ज ECIR 0001/2019 के मामले में आरोपमुक्त करने की गुहार लगाई है. जहां मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त निर्धारित की है. बताते चलें कि बासुदेब बागची ने इससे पूर्व 2020 में दाखिल अपनी दो याचिकाएं वापस ली थी. वही अब नए सिरे से क्रिमिनल रिवीजन दाखिल कर आरोपमुक्त करने की गुहार लगाई है. यह मामला करीब 2800 करोड़ रुपये की कथित ठगी से जुड़ा है.
निवेशकों से 2800 करोड़ रूपये जमा करायें
वासुदेव बागची 29 नवंबर 2024 से कोलकाता जेल में बंद है. ऐसे में झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय ED की ओर से दर्ज प्राथमिकी में भी उन्हें प्रोडक्शन करने की मांग की गई. आरोप है कि वासुदेव बागची और उनके पुत्र ने मासिक आय योजना और क्लब सदस्यता प्रमाण पत्र के नाम पर निवेशकों से करीब 2800 करोड़ रुपये जमा कराए. वही उच्च रिटर्न का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया. लेकिन निवेशकों को महज 700 करोड़ रुपये ही वापस किया गया.
आरोपियों की संपत्ति अटैच की गयी
अब भी करीब 1900 करोड़ रुपये निवेशकों को नहीं लौटाए गए. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने विभिन्न राज्यों में कार्रवाई करते हुए कई केस दर्ज किया है. छापेमारी के दौरान आरोपियों की संपत्तियां भी अटैच की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनी ने सेबी SEBI और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया RBI से आवश्यक वैध अनुमति नहीं ली थी. इसके बावजूद इसके कंपनी निवेश योजनाएं चला रही थी.
