CJP से हटाए जाने पर छलका विजेता दहिया का दर्द, बोले- ‘जिनका बचाव किया, उन्होंने ही मुझे बलि का बकरा बना दिया’

News Wave Desk: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दहिया ने पहली बार पूरे मामले पर खुलकर...

News Wave Desk: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दहिया ने पहली बार पूरे मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है. हालांकि उन्होंने पार्टी के खिलाफ सीधे तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन अपनी बातों के जरिए संगठन और अभिजीत दीपके के फैसले पर नाराजगी जरूर जाहिर की. दहिया का कहना है कि जिन लोगों का उन्होंने हर मुश्किल वक्त में बचाव किया, आखिरकार उन्हीं की ओर से उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

20 जुलाई के ‘बर्गर विवाद’ के बाद लिया गया फैसला

विजेता दहिया को 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान सामने आए कथित ‘बर्गर विवाद’ के बाद प्रवक्ता पद से हटाया गया था. इस फैसले से दहिया आहत नजर आए. उनका कहना है कि खाने-पीने को लेकर पहले भी अभिजीत दीपके विवादों में घिर चुके हैं, लेकिन उस समय उन्होंने पूरी मजबूती से उनका बचाव किया था.

‘जब दीपके पर सवाल उठे, तब मैंने उनका साथ दिया’

बुधवार को जारी एक वीडियो में दहिया ने बताया कि अभिजीत दीपके का फोन आने पर उन्हें उम्मीद थी कि उनका हालचाल पूछा जाएगा और उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा. लेकिन फोन पर उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया, जिससे उन्हें गहरा झटका लगा. दहिया के मुताबिक, उन्होंने बातचीत के दौरान दीपके को पुराने विवादों की याद दिलाई और कहा कि जब उनके खाने-पीने को लेकर आलोचना हुई थी, तब उन्होंने हर मंच पर उनका बचाव किया था.
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कचौड़ी और ट्रक वाले विवाद का भी किया जिक्र

वीडियो में दहिया ने दावा किया कि उन्होंने अभिजीत दीपके से कहा, “जब आप कचौड़ी खाते हुए वायरल हुए थे, तब मैंने आपका मजबूती से बचाव किया. लोग यह भी कह रहे थे कि आप ट्रक पर चढ़ गए थे और आपको थप्पड़ भी पड़ा था. उन सभी आरोपों और आलोचनाओं के बीच मैंने लगातार आपका पक्ष रखा. मुझे भी कई धमकियां मिलीं, लेकिन मैं आपके खिलाफ चल रहे प्रोपेगेंडा का जवाब देता रहा.”

‘अचानक फोन आया और मुझे बलि का बकरा बना दिया गया’

दहिया ने कहा कि इतने समय तक संगठन और नेतृत्व का बचाव करने के बावजूद अचानक उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया. उन्होंने इसे अपने लिए बेहद दुखद बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे पूरी घटना का “बलि का बकरा” उन्हें बना दिया गया हो. फिलहाल, विजेता दहिया के इन आरोपों पर अभिजीत दीपके या CJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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