Giridih : जिले में अवैध बालू खनन का धंधा एक बार फिर पूरे शबाब पर है. आरोप है कि जिले के कई थाना क्षेत्रों में बालू माफिया बिना किसी खौफ के नदियों का सीना चीरकर हर दिन हजारों रुपये की अवैध कमाई कर रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि सुबह करीब चार बजे से ही विभिन्न बालू घाटों पर ट्रैक्टरों से अवैध खनन शुरू हो जाता है. दिन चढ़ने के साथ इन ट्रैक्टरों के जरिए बालू की खुलेआम ढुलाई होती है. बताया जाता है कि एक ट्रैक्टर बालू 1000 से 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जिससे बालू माफिया प्रतिदिन मोटी कमाई कर रहे हैं. सबसे गंभीर आरोप यह है कि सूत्रों के अनुसार कई क्षेत्रों में प्रत्येक बालू लदे वाहन से कथित तौर पर अवैध वसूली की जाती है और इसी वजह से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
अवैध खनन का खेल पहले की तरह शुरू
जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर DC के निर्देश पर टास्क फोर्स बनाकर छापेमारी और कार्रवाई की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई का असर कुछ घंटों तक ही सीमित रहता है इसके बाद अवैध खनन का खेल पहले की तरह फिर शुरू हो जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बालू माफियाओं के खिलाफ स्थायी और प्रभावी कार्रवाई कब होगी? क्या जिला प्रशासन और पुलिस अवैध खनन के इस नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लगाने में सफल होंगे, या फिर नदियों का सीना चीरकर प्राकृतिक संसाधनों की यह लूट दिन-रात यूं ही जारी रहेगी.
