बेरमो: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ऐश पौंड से वाहनों द्वारा छाई उठाव का कार्य रविवार को भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका. मजदूरों की मांगों को लेकर डीवीसी प्रबंधन और छाई उठाव करने वाली कंपनियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई थी. इस वार्ता के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि रविवार से परिचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पाई.

ट्रायल के बाद भी नहीं उतरे वाहन
जानकारी के अनुसार शनिवार रात नई कंपनी बीटूवी की ओर से ट्रायल के रूप में तीन हाईवा वाहनों को छाई उठाव के लिए लगाया गया था. कंपनी प्रतिनिधियों का कहना था कि यदि ट्रायल सफल रहता है तो रविवार से पूर्ण रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा. हालांकि रविवार को कंपनी का एक भी वाहन ऐश पौंड परिसर में नहीं पहुंचा.
सीमित मात्रा में हुआ छाई उठाव
डीवीसी ऐश पौंड कांटा घर के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शनिवार को सारन कंपनी द्वारा मात्र 370 एमटी छाई का उठाव किया गया था. वहीं रविवार को भी परिचालन की स्थिति काफी धीमी रही. इस दौरान सारन कंपनी के नौ हाईवा बेरमो चार नंबर स्थित सीसीएल की बंद कोयला खदान के स्थल पर लगाए गए. जेडीएनएस इंजीनियरिंग के चार हाईवा डीवीसी पावर प्लांट स्थित रेलवे ऐश यार्ड में कार्यरत रहे. इसके अतिरिक्त सारन कंपनी के दो अन्य हाईवा साइट-टू-साइट कार्य में लगे रहे.
कंपनी ने 25 हाईवा तैनात होने की दी जानकारी
इस संबंध में सारन कंपनी के प्रतिनिधि आशुतोष सिंह ने बताया कि कंपनी के कुल 25 हाईवा ऐश ट्रांसपोर्टिंग के कार्य में लगाए गए हैं. आवश्यकता के अनुसार इन्हें विभिन्न स्थलों पर लगाया जा रहा है.
ओवरलोडिंग को लेकर भी उठे सवाल
इधर ऐश पौंड से संचालित हाईवा वाहनों में ओवरलोडिंग का मामला भी रविवार को सामने आया. बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ ने ऐश पौंड से छाई लेकर जाने वाले हाईवा तथा सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कोयला परिवहन करने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग पर सख्त रोक लगाने का आदेश जारी किया है. इसके बावजूद डीवीसी के ऐश पौंड से परिचालन कर रहे सारन कंपनी के कुछ हाईवा में निर्धारित क्षमता से लगभग दो टन अधिक छाई ले जाए जाने की बात सामने आई है.
ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग
इस मामले को लेकर गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी तथा बोकारो जिला परिवहन पदाधिकारी से ऐश पौंड से हो रही ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की है.

