– बड़ी कार्रवाई : रांची एनआईए कोर्ट ने फरार नक्सली के घर और सार्वजनिक स्थलों पर चिपकाया नोटिस; अब नहीं मिलेगी मोहलत
Ranchi: एनआईए की विशेष अदालत ने कुख्यात नक्सली नेता रविन्द्र गंझू के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. लंबे समय से जांच एजेंसियों को चकमा दे रहे गंझू को अदालत ने भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी 'अंतिम उपस्थिति' के लिए 30 दिनों का समय दिया है. रविन्द्र गंझू पर (RC-38/2020/NIA) कई बड़े हमले और लेवी वसूली के आरोप हैं. वह लातेहार जिले के ग्राम हेसला, बॉझीटोला का निवासी है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि नोटिस प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर यदि वह उपस्थित नहीं होता है, तो एनआईए कोर्ट उसके बिना ही सुनवाई शुरू कर देगी.
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नक्सली खेमे में खलबली
झारखंड में यह संभवत: पहला बड़ा मामला होगा जहां किसी शीर्ष नक्सली के खिलाफ उसकी गैर-मौजूदगी में ट्रायल शुरू करने की तैयारी की गई है. यह कदम न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि अन्य फरार नक्सलियों के लिए भी एक कड़ा सबक होगा कि वे कानून से ज्यादा समय तक भाग नहीं सकते. कुख्यात नक्सली रविंद्र गंझू पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित है. झारखंड सरकार ने उसपर 15 लाख रुपये और एनआईए ने 5 लाख रुपये इनान घोषित कर रखे है. वह वह प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमेटी मेंबर है.

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