Saraikela: सात दिनों तक मौसीबाड़ी में विश्राम के बाद आज भगवान जगन्नाथ, महाप्रभु भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपने धाम लौटे. भारी बारिश के बावजूद जिले भर में घुरा रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया. तीनों अलग-अलग रथों पर सवार हुए. भक्तों ने बारी-बारी से तीनों रथों को खींचकर पुण्य लाभ कमाया. “जय जगन्नाथ महाप्रभु” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया.
चांडिल में विशेष आयोजन
चांडिल रेलवे स्टेशन से रथ यात्रा शुरू होकर चांडिल बांध माठिया पहुंची. इस दौरान बांध माठिया में इंद्रानंद सरस्वती जी के साथ जूना अखाड़ा के महंत विद्यानंद सरस्वती जी उपस्थित रहे. सैकड़ों भक्तों ने उत्साह के साथ रथ खींचा और जयकारे लगाए. इस अवसर पर पारडीह काली मंदिर के महंत विद्यानंद सरस्वती, खगेन महतो, वशिष्ठ नारायण, राजू सिंह, फुलचंद महतो, बुद्धेश्वर महतो, हिकिम महतो, स्वप्न साहू, राहुल वर्मा सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालु मौजूद रहे. जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर घुरा रथयात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. बरसात के बावजूद भक्तों का आस्था और उल्लास देखने लायक था.
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