Ranchi: झारखंड में सहकारी संस्थाओं को अधिक सक्षम, तकनीक आधारित और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में सरकार ने नई रणनीति बनाई है. शुक्रवार को मुख्य सचिव एवं राज्य सहकारी विकास समिति के अध्यक्ष अविनाश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े 15 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से मंथन किया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि सहकारी समितियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा. इसके तहत PACS के कंप्यूटरीकरण की प्रगति तेज करने, विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिलों और MPCS के चयन तथा हर जिले और अंचल में नियमित रूप से नई दुग्ध और मत्स्य उत्पादक सहकारी समितियों के गठन पर जोर दिया गया.
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को दिए निर्देश
इसके अलावा PACS और MPCS को जनसुविधा केंद्र (CSC) तथा प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने, कंप्यूटरीकृत 240 MPCS में डिपॉजिट मोबिलाइजेशन स्कीम शुरू करने और दुग्ध व मत्स्य सहकारी समितियों की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई. बैठक में प्रस्तावित झारखंड राज्य सहकारिता नीति, सहकारिता विभाग के कार्यालयों के डिजिटलीकरण और “सहकार से समृद्धि” अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
