Ranchi : वन विभाग में फर्जी ज्वाइंग लेटर का बड़ा खेल बेनकाब हुआ है. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के चतरा उत्तरी वन प्रमंडल कार्यालय ने नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. जालसाजों ने शातिर तरीके से प्रशासनिक मुहरों और दस्तखतों का दुरुपयोग कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए हैं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गत 3 जुलाई को चतरा उत्तरी वन प्रमंडल कार्यालय को निबंधित डाक के माध्यम से विश्वजीत कुमार और जगदीश भारती नामक दो व्यक्तियों के कार्य ग्रहण करने से संबंधित पत्र प्राप्त हुए. जब इन पत्रों की गहराई से जांच की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया. यह स्पष्ट हुआ कि ये पत्र पूरी तरह फर्जी है. जालसाजों ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड, रांची के कार्यालय और उनके नाम के फर्जी दस्तखत तथा नकली मुहर का इस्तेमाल कर यह जालसाजी रची है. इसका उद्देश्य मासूम और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झूठा सपना दिखाकर उनके साथ बड़ी ठगी करना है.
विभाग की दो टूक, आधिकारिक प्रक्रिया ही एकमात्र सत्य
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में आम जनता को चेतावनी दी है कि सरकार के तहत किसी भी पद पर नियुक्तियां केवल निर्धारित और प्राधिकृत आयोग या संस्थाओं की नियत प्रक्रिया के तहत ही की जाती है. नौकरी से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें और सत्यता की पूरी जांच अवश्य कर लें.
कहां करें फर्जीवाड़े की शिकायत
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे शातिर ठगों से पूरी तरह सावधान और सतर्क रहें. अगर आपके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध भर्ती या धोखाधड़ी की गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो बिना देर किए इसकी सूचना अपने निकटतम पुलिस थाना में दें.
