JPSC घोटाले के आरोपी अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी की Daring- स्टेटस में लिखा Do not bother, focus on your work, फर्श से लेकर अर्श तक की तिवारी भाइयों की कहानी

Ranchi: जैसे ही सरकार जेपीएससी परीक्षा घोटालों को लेकर सीरियस हुई, कई तरह के खुलासे रोज ही हो रहे हैं. लेकिन हमारी...

JPSC घोटाले के आरोपी अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी की Daring- स्टेटस में लिखा Do not bother, focus on your work

Ranchi: जैसे ही सरकार जेपीएससी परीक्षा घोटालों को लेकर सीरियस हुई, कई तरह के खुलासे रोज ही हो रहे हैं. लेकिन हमारी टीम आपको यह बताने की कोशिश कर रही है कि कैसे अभय तिवारी के साथ उसके साथियों और उसके घर वाले बिना डर के सारा काम कर रहे थे. उन्हें अभी भी किसी तरह का डर शायद ही सता रहा हो. उनके डेयरिंग की बात को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि जब अभय तिवारी की गिरफ्तारी हुई, उसके ठीक एक दिन के बाद उसके भाई अक्षय तिवारी अपने व्हाट्एसएप पर एक स्टेटस लगाता है. स्टेटस में लिखा रहता है कि “अफवाहों पर ध्यान ना दें, अपने काम पर फोकस करें.” मतलब कि अभय के भाई अक्षय को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि उसका भाई गिरफ्तार हो गया है. उसे यह भी डर नहीं था कि उसके साथ या उसके परिवार के लोगों के साथ कुछ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो सकती है. वो शायद अपने ग्राहकों को (जिसकी नौकरी दोनों भाइयों ने रिश्वत लेकर लगायी हो) संतुष्ट करने और बेफ्रिक रहने का का संकेत दे रहा था.

कम्प्यूटर ऑपरेटर से अहम विभाग की जिम्मेदारी

अक्षय तिवारी सीधा जेपीएससी या जेएसएससी से नहीं जुड़ा हुआ था. लेकिन नौकरियों का खेल वो आज से कई सालों पहले से करता आ रहा था. सबसे पहले उसकी नियुक्ति एक संविदा कर्मी के रूप में हुई. काम मिला कम्प्यूटर ऑपरेटर का, वो भी जामताड़ा जिले में. वो जामताड़ा जिले के डीसी ऑफिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करता था. उस वक्त उसकी पैठ जैपआइटी से काफी अच्छी थी. वो अपने तंत्र का इंस्तेमाल कर जैप आईटी के जरिए चार-पांच लाख रुपए लेकर संविदा पर युवाओं को सरकारी कार्यालय में नियुक्ति दिलाने का काम करने लगा. सूत्र बताते हैं कि अक्षय तिवारी ने इस काम में महारथ हासिल किया और करोड़ों रुपए बनाए. रिश्वत से कमाए गए अकूत दौलत के दम पर वो आगे बढ़ने का प्लान बनाने लगा. और निकल पड़ा ऐसा रास्ते पर जिसने झारखंड के हजारों युवाओं का भविष्य खराब कर दिया.

परीक्षा लेने वाले एजेंसी का करीबी हो गया अक्षय

पैसे की लालच में अक्षय तिवारी अब बड़ा घोटाला करने की तरकीब में लग गया. वो धीरे-धीरे जेपीएससी और जेएसएससी के परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के नजदीक आने लगा. बताया जाता है कि अक्षय ने ही अपने भाई अभय तिवारी को टीडीपीएल के अधिकारियों के नजदीक लाया. और इसी के साथ हुआ जेपीएससी में घोटाले के खेल की शुरूआत.

नोटः अक्षय तिवारी फिलहाल झारखंड के एक अहम पद पर कार्यरत है. इसकी जानकारी जल्द ही हमारी टीम साक्षा करेगी.

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