कोडरमा: आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल से सदर अस्पताल की व्यवस्था ध्वस्त, परिजनों ने खुद ट्रॉली पर शव पहुंचाया

Koderma: सदर अस्पताल, कोडरमा में ट्रॉलीमैन सहित सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण आज स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. शव...

आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल से सदर अस्पताल की व्यवस्था ध्वस्त

Koderma:  सदर अस्पताल, कोडरमा में ट्रॉलीमैन सहित सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण आज स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. शव को पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने पर मजबूरन परिजनों को अपने मृतक के शव को ट्रॉली पर रखकर स्वयं ले जाना पड़ा.स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ट्रॉलीमैन सहित सभी आउटसोर्स कर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर 23 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसी के चलते आज अस्पताल में एक संवेदनशील और दर्दनाक दृश्य सामने आया. परिजनों ने बताया कि काफी देर इंतजार के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें खुद शव को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाना पड़ा. झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के अनुसार, आउटसोर्सिंग कंपनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स, हजारीबाग के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 6 माह से मानदेय नहीं मिला है.

6 महीने से वेतन नहीं मिलने से कर्मियों की भुखमरी स्थिति

संघ ने कई बार ज्ञापन, वार्ता और धरना के माध्यम से अपनी बात रखी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. अंततः 23 जुलाई से कर्मी हड़ताल पर चले गए. संघ ने आरोप लगाया कि सरकार एक तकनीकी आउटसोर्स कर्मी के लिए कंपनी को लगभग ₹26,000 प्रति माह देती है, जबकि कर्मचारियों को केवल ₹12,000 से ₹12,600 ही मिलते हैं. 6 महीने से वेतन नहीं मिलने से कर्मियों के सामने भुखमरी की स्थिति है.संघ ने कहा कि आज अस्पताल में जो स्थिति बनी वह कर्मचारियों की मर्जी नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है. अगर समय पर मांगें मान ली जातीं तो परिजनों को इस तरह शव ढोने को मजबूर नहीं होना पड़ता.

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