Protest in Parliament premises: NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. पार्टी महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से माफी मांगने की मांग की. कांग्रेस सांसद हाथों में तख्तियां और बड़ा बैनर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की है. सांसदों ने गृह मंत्री से इस मामले में जवाब देने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने दिखाए आक्रामक तेवर
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लगातार उठाएंगे. विपक्ष का कहना है कि छात्रों पर हुई कथित हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है. राहुल गांधी ने अपने पत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित बर्बर हमले की निंदा करते हुए पूछा है कि क्या प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन जैसे घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी गृह मंत्री ने दी थी.
छात्रों पर हुई कथित हिंसा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है. सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाले. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई कथित हिंसा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है और इससे पूरे देश में आक्रोश है. युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, उनकी मांगों का जवाब सरकार को देना होगा.
केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘गृह मंत्री कहां हैं? वे कहां छिपे हैं?’
इधर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘गृह मंत्री कहां हैं? वे कहां छिपे हैं? उन्हें लोकसभा में आकर जवाब देना होगा कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया. लोगों को लग रहा है कि इन सभी अत्याचारों के पीछे उन्हीं का आदेश है’. वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘क्या निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल करना सही है? इसका सीधा जवाब है कि यह बिल्कुल गलत है. जब भी कोई विरोध-प्रदर्शन होता है, तो घोषणा की जाती है कि धारा 144 लागू है और प्रदर्शनकारियों को वह इलाका छोड़ देना चाहिए. अगर प्रदर्शनकारी नहीं हटते हैं, तो वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जाता है, और उसके बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल होता है. जब स्थिति ज़्यादा गंभीर हो जाती है, तभी सबसे सीनियर अधिकारी फायरिंग का आदेश देता है. पिछले सोमवार को आपने निहत्थे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया, और बिहार का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कॉन्स्टेबल AK-47 लेकर प्रदर्शनकारियों का पीछा कर रहा है- यह अमानवीय है’.
