Dhanbad: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में अपनी दबिश बढ़ा दी है. मंगलवार तड़के ईडी की अलग-अलग टीमों ने कोयला कारोबार और आउटसोर्सिंग से जुड़े कई बड़े व्यवसायियों के 25 ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे धनबाद शहर और कोयला उद्योग जगत में भारी हड़कंप मच गया है.
सुबह 7 बजे पहुंचीं ईडी की गाड़ियां, सुरक्षा बलों ने घेरा:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग सात बजे ईडी अधिकारियों की गाड़ियां केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ चिन्हित कारोबारियों के आवासों और कार्यालयों पर पहुंचे. गाड़ियों से उतरते ही सुरक्षा बलों ने सभी परिसरों को अपने कब्जे में ले लिया और प्रवेश व निकास द्वार बंद कर दिए. छापेमारी की जद में मुख्य रूप से चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े व्यावसायिक सहयोगी आए हैं. जिन प्रमुख कारोबारियों व सहयोगियों के परिसरों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें शामिल हैं, गणेश यादव, शेखर यादव, पप्पू मंडल, हरेंद्र चौहान और आलोक फिलहाल, ईडी के अधिकारी घरों और कार्यालयों के अंदर मौजूद वित्तीय रिकॉर्ड्स, बैंक खातों के दस्तावेज, बेनामी संपत्तियों के कागजात और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस (मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव) की गहन जांच में जुटे हैं.
21 नवंबर 2025 को भी 18 ठिकानों पर हुई थी बड़ी कार्रवाई:
यह पहला मौका नहीं है जब ईडी ने धनबाद में इतनी बड़ी कार्रवाई की है. इससे पहले 21 नवंबर को भी प्रवर्तन निदेशालय ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के टेंडरों में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी, अवैध कोयला खनन कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के सिलसिले में झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ कार्रवाई की थी.
उस दौरान झारखंड में 18 ठिकानों.(अकेले धनबाद में 17 ठिकाने) पर सुबह छह से बजे छापेमारी की गई थी. उस वक्त मुख्य रूप से एलबी सिंह के सरायढेला स्थित आवास कुंभनाथ सिंह के कुसुम बिहार स्थित आवास, दोनों के शिमलाबहाल स्थित संयुक्त परिसरों, संजय खेमका के धनसार स्थित मुख्य कार्यालय, दुमका में अमर मंडल के परिसरों में ईडी ने छापामारी की थी. माना जा रहा है कि मंगलवार को हो रही छापेमारी उसी पुरानी जांच की अगली कड़ी है, जिसमें नए सुराग और वित्तीय लेन-देन सामने आने के बाद ईडी ने यह कदम उठाया है.
शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म, कारोबारियों में बेचैनी:
सुबह-सुबह ईडी की गाड़ियों की आवाजाही देखकर धनबाद के सरायढेला, धनसार और आसपास के इलाकों में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा होने लगी. कोयला और आउटसोर्सिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य बड़े कारोबारियों में भी इस कार्रवाई के बाद से भारी बेचैनी देखी जा रही है. आधिकारिक रूप से ईडी की ओर से फिलहाल जब्ती या किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि शाम तक इस मामले में बड़े खुलासे और महत्वपूर्ण बरामदगी की घोषणा हो सकती है.
