बजट सत्र में बाबूलाल और प्रदीप आमने-सामने: प्रदीप बोले- छीना जा रहा वोट का अधिकार, बाबूलाल ने PM की तारीफ की

रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 15वें दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव आमने-सामने हो गए. प्रदीप यादव...

रांची: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 15वें दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव आमने-सामने हो गए. प्रदीप यादव ने कहा कि वोट का अधिकार छीनने का प्रयास हो रहा है. इस पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मोदी हैं तो मुमकिन है, कुछ भी हो सकता है. इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से काम कर रहे हैं, उसकी जितनी तारीफ की जाए, कम है. उन्होंने कहा कि बिहार में अगर कोई वोट से वंचित होता तो लोग शिकायत करते.

इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि बिहार में 65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हट गए. पांच राज्यों में एसआईआर के जरिए एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए. उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो चुनाव आयोग को हटाकर दिखाएं.

झारखंड में 12 लाख नाम हटने का दावा

प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड में 1.78 करोड़ की पैरेंटल मैपिंग हुई है और 12 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं. उन्होंने कहा कि दलित, गरीब और मुसलमानों के नाम हटाए जाते हैं, लेकिन बाबूलाल का नाम नहीं हटता. यह जनभावना को हाईजैक करने का प्रयास है. इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार को कमर कस कर तैयार रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि 25 साल से ओबीसी को छला गया है. जाति प्रमाण पत्र जरूरी है. आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती में लाखों रुपये की वसूली होती है. भूमिहीनों को निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है. जातिगत जनगणना में सरना कोड को भी जोड़ा जाना चाहिए. जमीन विवाद को कम करने के लिए सर्वे कराया जाना चाहिए.

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1932 आधारित स्थानीय नीति लागू करने की मांग

जयराम महतो ने कहा कि बड़ी कंपनियों द्वारा रैयतों की जमीन का मनमाने तरीके से अधिग्रहण हो रहा है. अबुआ सरकार को जमीन की परवाह नहीं है. नियम के विपरीत देवघर के रैयतों को उपज आधारित मुआवजा दिया गया. अधिकांश हत्याएं जमीन विवाद के कारण हो रही हैं. तीन लाख से अधिक भूमि विवाद के मामले अंचल कार्यालयों में लंबित हैं.

उन्होंने कहा कि सूड़ी को अनुसूचित जाति और केवट को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलना चाहिए. कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की फिर से अनुशंसा करनी चाहिए. राज्य के सरकारी विभागों के सचिव ट्विटर पर सक्रिय हों. 1932 आधारित स्थानीय नीति लागू होनी चाहिए. 25 साल से स्थानीय नीति परिभाषित नहीं हुई है. स्थानीयता तय करना राज्य सरकार का काम है. 50 साल से अधिक उम्र के पुरुष शिक्षकों का होम ट्रांसफर किया जाना चाहिए.

अबुआ सरकार पर जनता का भरोसा

अमित महतो ने कहा कि जनता ने अबुआ सरकार पर भरोसा जताया है. भू-सुधार व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए. एसीबी ने 43 कांडों का निपटारा किया और 54 लोकसेवकों को गिरफ्तार किया. राज्य के विकास के लिए पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए. खतियान के आधार पर स्थानीय और नियोजन नीति बननी चाहिए.

कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने कहा कि शहीद नीलांबर-पीतांबर के नाम पर शैक्षणिक संस्था, हाट-बाजार और पंचायत का नाम होना चाहिए. सरकारी अमीन की भारी कमी है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट का संरक्षण नहीं हो रहा है. पांकी को अनुमंडल बनाया जाए. जमीन विवाद के कारण हत्याएं हो रही हैं.

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