लोहरदगा में झारखंड आंदोलनकारियों की बैठक, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई तेज करने का संकल्प

Lohardaga: झारखंड आंदोलनकारी महासभा, लोहरदगा जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष नीरू शांति भगत के आवासीय परिसर...

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लोहरदगा में झारखंड आंदोलनकारियों की बैठक
Lohardaga: झारखंड आंदोलनकारी महासभा, लोहरदगा जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष नीरू शांति भगत के आवासीय परिसर में जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकार, सम्मान और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में सर्वसम्मति से आगामी 1 अगस्त को स्वर्गीय कमल किशोर भगत की जयंती और 4 अगस्त को दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया. साथ ही अगली मासिक बैठक 26 अगस्त को आयोजित करने का भी फैसला लिया गया.

झारखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का परिणाम

केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष नीरू शांति भगत ने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलनकारियों के अथक संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है. हजारों आंदोलनकारियों ने अपना जीवन आंदोलन को समर्पित किया और कई साथियों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर अलग झारखंड राज्य का सपना साकार हुआ.उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों के सम्मान, पहचान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए

आंदोलनकारियों को मिलेगा उचित सम्मान

जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत ने कहा कि आंदोलनकारियों को उनका उचित सम्मान और अधिकार दिलाना महासभा की सर्वोच्च प्राथमिकता है. जिले के सभी आंदोलनकारियों को एक मंच पर संगठित कर उनकी समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारियों की जायज मांगों की उपेक्षा जारी रही तो महासभा लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी. कार्यकारी अध्यक्ष अमर किन्डो ने कहा कि संगठन की मजबूती ही आंदोलनकारियों के सम्मान की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने सभी सदस्यों से संगठनात्मक गतिविधियों को गांव-गांव तक विस्तार देने और प्रत्येक कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. उपाध्यक्ष उषा रानी लकड़ा ने कहा कि झारखंड आंदोलन में महिलाओं की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. नई पीढ़ी को आंदोलन के इतिहास, संघर्ष और शहीद आंदोलनकारियों के योगदान से अवगत कराना समय की आवश्यकता है.

शिबू सोरेन और कमल किशोर भगत को दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय प्रधान महासचिव मो. कयूम खान ने दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन और स्वर्गीय कमल किशोर भगत के झारखंड आंदोलन में योगदान को याद करते हुए कहा कि इन नेताओं का संघर्ष झारखंड की पहचान और अस्मिता की नींव है. बैठक में अंजनी भगत, मंगरा उरांव, मंगलेश्वर उरांव, शकुंतला कुमारी, मनोज उरांव, नीलमणि लकड़ा, विश्राम उरांव, सूरज मोहन लकड़ा, दिनेश साहू और मनमोहन उरांव सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित रहे. बैठक के अंत में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, गांव-गांव तक विस्तार देने तथा आंदोलनकारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.

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