Saraikela: चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत आदरडीह गांव में बुधवार देर रात हाथी-मानव संघर्ष का मामला सामने आया. रात करीब 1 बजे एक जंगली हाथी गांव में घुस आया और कई दुकानों व मकानों को नुकसान पहुंचाते हुए जमकर उत्पात मचाया. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है.
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 1 बजे हाथी के पैरों की आहट और दुकानों के शटर टूटने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले. हाथी ने मुख्य सड़क किनारे स्थित 4-5 दुकानों के शटर और दीवारों को सूंड और सिर से तोड़ दिया. घटना में दुकानों के अंदर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद हाथी घरों के पास रखे अनाज और खेतों की ओर बढ़ गया. हाथी को भगाने के लिए ग्रामीणों ने पटाखे छोड़े, मशाल जलाई और ढोल-नगाड़े बजाए. काफी मशक्कत के बाद हाथी गांव से जंगल की ओर चला गया. घटना के दौरान महिलाएं और बच्चे पूरी रात घरों में सहमे रहे, जबकि पुरुष रातभर जागकर पहरा देते रहे.
सूचना देने के बावजूद वन विभाग समय पर नहीं पहुंची
घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से यही हाथी इलाके में घूम रहा है और रात होते ही गांव में प्रवेश कर रहा है. कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए और गांव में रात्रि गश्त की व्यवस्था की जाए.
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके पास न जाएं, उसे उकसाने की कोशिश न करें और तुरंत विभाग को सूचना दें. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हाथी-मानव संघर्ष किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
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