Seraikela: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जन शिकायत निवारण दिवस के अवसर पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं जनहित से संबंधित समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए.
जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर दिया जोर
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने सभी आवेदकों की शिकायतों को क्रमवार सुना तथा प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा आवेदकों को नियमानुसार आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए.
जनता दरबार में नगर निगम, आदित्यपुर क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट (कचरा) के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु डंपिंग स्थल के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित किए जाने, नगर निगम क्षेत्र की लंबित पेयजल आपूर्ति योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ कराने तथा वार्ड संख्या-17 स्थित ड्राइव ज़ोन क्षेत्र को विशेष कार्ययोजना के तहत नल-जल योजना से जोड़कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए.
भूमि, सड़क, पेयजल और जनकल्याण योजनाओं से जुड़े आवेदन प्राप्त
इसके अतिरिक्त खरसावाँ अंचल में पंजी-II में त्रुटि सुधार एवं जाति प्रमाण-पत्र निर्गमन में आ रही समस्याओं के समाधान, कुकड़ू अंचल के तिरोड़ी ग्राम में भूमि सीमांकन से संबंधित विवाद के निष्पादन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत उकरी से शोभापुर वाया पलाशडीह, ऊपर दुगनी एवं भालूपहाड़ी (लगभग 10 किलोमीटर) तक निर्माणाधीन सड़क कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित मामलों, स्वास्थ्य विभाग, आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए.

प्राप्त आवेदनों में से कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया, जबकि शेष मामलों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया गया. उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का नियमानुसार निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी सेवा उपलब्ध हो सके.
