.Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, सचिवों एवं शिक्षकों के साथ बैठक की. बैठक में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास एवं उनके अधिकारों का संरक्षण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. उन्होंने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 तथा एनसीईआरटी के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए. किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के वजन के दसवें हिस्से (10 प्रतिशत) से अधिक नहीं होना चाहिए. सभी विद्यालय इस संबंध में प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे कि उनके यहां निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है. उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के स्कूल बैग के अत्यधिक वजन के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया है तथा जांच के निर्देश जारी किए गए हैं. इसलिए सभी विद्यालय नियमित रूप से विद्यार्थियों के स्कूल बैग के वजन की निगरानी करें तथा इस संबंध में आवश्यक अभिलेख संधारित करें.
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नई शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन पर जोर
बैठक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-29 (पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रक्रिया) के प्रावधानों की भी विस्तार से समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालय अधिनियम की प्रत्येक धारा का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करते हुए उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें तथा तीन दिनों के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला को उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में प्रारंभिक स्तर पर केवल एनसीईआरटी एवं एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए. निजी प्रकाशकों की पुस्तकों के अनावश्यक उपयोग से अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-18 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. बैठक में सभी निजी विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक नामांकित विद्यार्थियों की संख्या तथा इन्हीं कक्षाओं के लिए खरीदी गई पाठ्यपुस्तकों की कुल संख्या का विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 के सभी प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उसका अनुपालन प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराने को कहा गया. उपायुक्त ने राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 को सभी निजी विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने, विद्यार्थियों पर अनावश्यक शैक्षणिक सामग्री का बोझ कम करने तथा गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया.


विद्यार्थियों के अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं: DC
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति-2020 का अनुपालन प्रत्येक निजी विद्यालय की वैधानिक जिम्मेदारी है. विद्यार्थियों के अधिकारों एवं हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य, सचिव एवं शिक्षक उपस्थित थे.
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