Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में पंचायत राज विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सिसई, भरनो, बिशुनपुर और कामडारा प्रखंडों के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखण्ड समन्वयक, बीपीएम (स्वशासन परिषद्/बीपीआरसी/बीपीएमयू) सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया.
पंचायत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि के व्यय, पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण, जन्म-मृत्यु निबंधन, पेसा नियमावली-2025, डिजिटल पंचायत, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, पंचायत सहायता केन्द्र, भारतनेट रिचार्ज और पंचायत ज्ञान केन्द्र सहित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई.उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पंचायतों के माध्यम से संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने तथा नियमित समीक्षा करने पर बल दिया.
पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
बैठक में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखण्ड नियमावली, 2025 (पेसा) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा हुई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पेसा क्षेत्र के प्रत्येक राजस्व ग्राम में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाए. ग्राम सभाओं में सहायक सचिव का चयन, ग्राम सभा कार्यालय के लिए भवन चयन तथा ग्राम सभा के नाम से बैंक या डाकघर में खाता खोलने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने को कहा गया.उन्होंने कहा कि जिले में बहुत कम ग्राम सभाओं के बैंक खाते संचालित हैं, इसलिए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी ग्राम सभाओं के खाते खुलवाना सुनिश्चित किया जाए.
पंचायत सचिवालयों को जनसेवा केंद्र बनाने का निर्देश
उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि उपलब्ध राशि का उपयोग विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए और उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर जिला पंचायत राज कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने पंचायत सचिवालयों में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, इंटरनेट, बिजली, वैकल्पिक ऊर्जा, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा.
डिजिटल पंचायत और जन्म-मृत्यु निबंधन पर बल
उन्होंने भारतनेट इंटरनेट सुविधा का अधिकतम उपयोग करने, डिजिटल पंचायत की अवधारणा को मजबूत करने तथा पंचायत सहायता केन्द्र और पंचायत ज्ञान केन्द्र को आम नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए. साथ ही जन्म एवं मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रशिक्षण और ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया.

धीमी प्रगति वाली पंचायतों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी प्रखण्ड समन्वयकों और संबंधित पदाधिकारियों को पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जिन पंचायतों में कार्यों की प्रगति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए.बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखण्ड समन्वयक/बीपीएम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे.
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