News Wave Desk: रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर-फतुहा रेलखंड पर 29 किलोमीटर लंबी मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी है. करीब 976 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य पटना रेल कॉरिडोर के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर ट्रेनों का दबाव कम करना है. परियोजना के तहत अलग-अलग हिस्सों में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी.

दानापुर से पटना के बीच बिछेगी तीसरी-चौथी लाइन
परियोजना के तहत दानापुर और पटना के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा. वहीं, राजेंद्र नगर और पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी. इसके अलावा पटना साहिब से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण होगा.
रोजाना चल सकेंगी 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें
रेलवे के मुताबिक, परियोजना शुरू होने के पहले वर्ष में ही इससे रोजाना 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनों और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियों के संचालन की सुविधा मिलेगी. इससे हर साल करीब 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता भी विकसित होगी.
चौसा के 2120 मेगावाट पावर प्लांट के लिए भी अहम
यह परियोजना बक्सर जिले के चौसा में प्रस्तावित 2,120 मेगावाट के ताप विद्युत संयंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. संयंत्र के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे माल और अन्य जरूरी सामग्री की ढुलाई रेल मार्ग से की जाएगी. ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइनें माल परिवहन को सुगम बनाने में मदद करेंगी.
यात्रियों को मिलेगी राहत, कम होगी ट्रेनों की लेटलतीफी
मल्टीट्रैकिंग परियोजना का सबसे बड़ा फायदा पटना रेल कॉरिडोर से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है. अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से एक ही ट्रैक पर यात्री और मालगाड़ियों का दबाव कम होगा. इससे ट्रेनों को क्रॉसिंग और ओवरटेक के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन होगा आसान
परियोजना पूरी होने के बाद पटना होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुगम हो सकेगा. फिलहाल दानापुर-फतुहा रेलखंड पर क्षमता से अधिक ट्रेनों का दबाव है. ऐसे में छोटी तकनीकी समस्या भी कई ट्रेनों के परिचालन को प्रभावित कर देती है.
प्रमुख स्टेशनों पर भी घटेगा ट्रैफिक का दबाव
अतिरिक्त रेल लाइन बनने से पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पटना साहिब जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. इससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद रेल सेवा मिलने की उम्मीद है.

भविष्य की जरूरतों के हिसाब से मजबूत होगा रेल नेटवर्क
मालगाड़ियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने से यात्री और माल परिवहन दोनों को फायदा मिलेगा. रेलवे की यह परियोजना सिर्फ रेल नेटवर्क के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि पटना के बढ़ते रेल यातायात को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
