SAURAV SINGH
Ranchi: देश में सरकारी नौकरियों और प्रतिष्ठित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं की साख पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है.नीट-यूजी 2026 में हुई संगठित धांधली से लेकर विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोगों और कर्मचारी चयन आयोगों की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने देश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को अनिश्चितता के अंधकार में धकेल दिया है. इस विशाल ‘सॉल्वर सिंडिकेट’ और पेपर लीक गिरोहों का पर्दाफाश करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से लेकर विभिन्न राज्यों की विशेष जांच टीमें और सीआईडी लगातार जांच और छापेमारी कर रही हैं. जांच एक ओर राष्ट्रीय स्तर की नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई के हाथों में है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में हुई धांधली की जांच संबंधित राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां कर रही हैं.

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा नीट यूजी पेपर लीक मामला
– राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 में पेपर लीक के खुलासे ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था.
– परीक्षा तिथि: 3 मई 2026
– धांधली का तरीका: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के विषय विशेषज्ञों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र लीक किए गए और कोचिंग संस्थानों के नेटवर्क के जरिए परीक्षार्थियों तक पहुंचाये गये.
– जांच एजेंसी: सीबीआई
अबतक की कार्रवाई: केंद्रीय उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर 12 मई 2026 को एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने देशभर में 92 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. 28 जुलाई 2026 को सीबीआई ने एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञों (केमिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिक्स) और लातूर-पुणे के कोचिंग संचालकों समेत 13 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है.
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झारखंड: जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हेरफेर
– गड़बड़ी और लीक: ओएमआर शीट में खाली स्थान छोड़कर नंबर बढ़ाने, डेटाबेस और सर्वर स्कैनिंग में हेरफेर करने तथा ब्लैकलिस्टेड कंपनियों के माध्यम से परीक्षा कराने के आरोप सामने आए हैं। हाल ही में ओएमआर स्कैनिंग और डेटा हेरफेर में शामिल गिरोह के तार पकड़े गए.
– जांच एजेंसी: झारखंड सीआईडी
– अबतक की कार्रवाई: सीआईडी ने मामले में संलिप्त प्रखंड आपूर्ति अधिकारी समेत सर्वर और डेटाबेस प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों के कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अबतक कुल 11 गिरफ्तारी हो चुकी है. राज्य में सीबीआई जांच की मांग को लेकर भारी विरोध जारी है.
उत्तर प्रदेश: आरओ और एआरओ और पुलिस आरक्षी भर्ती
– उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर आयोजित हुई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए परीक्षा से कई घंटे पहले वायरल हो गए थे.
– परीक्षा तिथि: फरवरी 2024 (यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती एवं समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा)
– मामला: बड़े पैमाने पर पेपर सॉल्विंग गैंग और कोचिंग सेंटर्स के जरिए प्रश्नपत्र उत्तर सहित लीक किए गए थे. जनआक्रोश के बाद राज्य सरकार ने परीक्षाओं को निरस्त कर दिया था.
– जांच एजेंसी: यूपी स्पेशल टास्क फोर्स
– क्या हुई कार्रवाई: यूपी एसटीएफ ने मास्टरमाइंड्स, प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारियों और कोचिंग संचालकों सहित 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
बिहार में बीपीएससी टीआरई और सिपाही भर्ती लीक
– बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 3.0) और बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान संगठित सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ था. मार्च 2024 (BPSC TRE 3.0) और अंत-2023 (सिपाही भर्ती)
– क्या था मामला: हजारीबाग और अन्य शहरों के रिजॉर्ट्स में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व ले जाकर प्रश्नपत्र रटाए गए थे.
– जांच एजेंसी: बिहार ईओयू आर्थिक अपराध इकाई और ईडी
– अबतक की कार्रवाई: ईओयू ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई सॉल्वरों और दलालों को गिरफ्तार कर परीक्षा रद्द कराई, जबकि ईडी मनी ट्रेल और संपत्ति जब्ती की जांच कर रहा है.
राजस्थान: आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक और एसआई भर्ती परीक्षा
– राजस्थान में वरिष्ठ शिक्षक (Grade II) भर्ती और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामलों ने प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया था.
– समयकाल: 2022 से 2024 के मध्य की प्रमुख परीक्षा
– क्या था मामला: चलती बस में अभ्यर्थियों को लीक पेपर हल कराने और राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों की सीधी संलिप्तता की बात सामने आई थी.
– जांच एजेंसी: राजस्थान एसआईटी (SOG – स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप)
– अबतक की कार्रवाई: एसओजी ने आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य, कई ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों और भू-माफिया सह गिरोह सरगनाओं को दबोचा.
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ओडिशा में मेडिकल परीक्षा पेपर लीक मामला
– ओडिशा सरकार ने ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (ओयूएचएस) द्वारा आयोजित स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के आदेश दिए हैं.घटना की जांच के लिए बरहमपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के वरिष्ठ संकाय सदस्यों की पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है.

– समिति को कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की विस्तृत जांच कर 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. विवाद तब सामने आया जब पीजी मेडिकल परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले या परीक्षा के दौरान व्हाट्सएप पर प्रसारित होने की खबर सामने आई. इससे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
