Newswave Desk: मास की पहली सोमवारी इस वर्ष अत्यंत शुभ संयोगों के साथ मनाई जा रही है. इस दिन सुकर्मा योग और शिव आराधना का विशेष संयोग बन रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस शुभ योग में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

सुकर्मा योग में पूजा का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में सुकर्मा योग को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है. मान्यता है कि इस योग में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य, जप और भगवान शिव की उपासना कई गुना अधिक फलदायी होती है. सावन की पहली सोमवारी पर यह संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है.
ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, आक के फूल और फल अर्पित करें. पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें तथा शिव चालीसा और शिव आरती का पाठ करें.
इस दिन करें ये शुभ कार्य
- शिवलिंग पर गंगाजल और जल से अभिषेक करें.
- बेलपत्र पर चंदन लगाकर भगवान शिव को अर्पित करें.
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें.
- शिव मंदिर में दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
- दिनभर सात्विक भोजन करें और संयम का पालन करें.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
सावन की सोमवारी के दिन तामसिक भोजन, शराब और मांसाहार से दूर रहें. पूजा में तुलसी दल अर्पित न करें. शिवलिंग पर केतकी का फूल चढ़ाने से भी बचें. पूजा पूरी श्रद्धा और शांत मन से करें.

भक्तों में उत्साह, मंदिरों में विशेष तैयारी
सावन की पहली सोमवारी को लेकर देशभर के शिव मंदिरों में विशेष सजावट और सुरक्षा व्यवस्था की गई है. बाबा बैद्यनाथ धाम, काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, देवघर सहित प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं.
