Ranchi: झारखंड के अपराध जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य के कई जिलों में खौफ का दूसरा नाम बन चुका कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मारा गया. यह घटना जामताड़ा जिले के गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे पर स्थित सुपाईडीह और केंदबोना के बीच, नदी के पुल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर घटी. सोमवार सुबह जैसे ही स्थानीय लोगों को इस घटना की खबर मिली, घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.


कैसे हुई मुठभेड़?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 10:30 बजे पुलिस टीम सुजीत सिन्हा को ले जा रही थी. इस दौरान उसे एक कैदी वाहन से दूसरे वाहन में शिफ्ट किया जा रहा था. तभी अचानक पुलिस वाहन का आगे का बायां पहिया पंचर हो गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गई. आसपास के पहाड़ी और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर सुजीत सिन्हा ने भागने का प्रयास किया. इस दौरान उसने एक पुलिस जवान की बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. आत्मरक्षार्थ पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से सुजीत सिन्हा की मौके पर ही मौत हो गई.


हथकड़ी लगी हालत में मिला शव
घटना के बाद कैदी वाहन से लगभग 50 मीटर की दूरी पर गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव बरामद किया गया. वह काले रंग की टी-शर्ट, सफेद पैंट और हवाई चप्पल पहने हुए था. मारे जाने के समय भी उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी. घटना के तुरंत बाद देर रात ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे के प्रमुख चौक-चौराहों पर कड़ा पहरा बैठा दिया गया और बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई.
FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सोमवार तड़के करीब 5:00 बजे फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंची. FSL टीम ने पूरे इलाके की बारीकी से जांच की और साक्ष्य एकत्र किए. टीम ने गैंगस्टर के शरीर पर गोलियों के निशान, गोलियों की संख्या और अन्य तकनीकी बिंदुओं पर गहनता से जानकारी जुटाई. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा जिला अस्पताल भेज दिया है.
कौन था गैंगस्टर सुजीत सिन्हा?
सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू जिले का रहने वाला था. झारखंड के रांची, हजारीबाग, चतरा, लातेहार और पलामू सहित कई जिलों में उसका खासा आपराधिक प्रभाव था. उसका नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था, बिहार और उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई के मामलों में भी उसका नाम प्रमुखता से आ चुका था. सुजीत सिन्हा को कभी झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव का करीबी शूटर माना जाता था. हालांकि, बाद में उसने श्रीवास्तव गैंग से अपना रास्ता अलग कर लिया और खुद का गिरोह बनाकर रंगदारी, हत्या और रंगदारी वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगा था. गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के मारे जाने के बाद पूरे इलाके और संवेदनशील जिलों में पुलिस अलर्ट मोड पर है तथा सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

