Hazaribagh: जिले के टाउन रेलवे स्टेशन परिसर में पार्किंग शुल्क को लेकर ऑटो और टोटो चालकों ने कथित मनमानी वसूली का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि स्टेशन परिसर में केवल सवारी छोड़ने या बैठाने के लिए कुछ मिनट के लिए आने वाले वाहनों से भी पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. चालकों के अनुसार, स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही पार्किंग की पर्ची थमा दी जाती है. चाहे चालक यात्री को उतारकर तुरंत लौट जाए या किसी यात्री को बैठाकर निकल जाए, उसे भी शुल्क देना पड़ता है. उनका आरोप है कि ड्रॉप-ऑफ और वास्तविक पार्किंग के बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं किया गया है.

ऑटो-टोटो चालकों ने मनमानी वसूली का लगाया आरोप
ऑटो और टोटो चालकों का कहना है कि दिनभर की सीमित कमाई में स्टेशन के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं. ऐसे में हर बार पार्किंग शुल्क देने से उनकी आय प्रभावित हो रही है. उनका कहना है कि लंबे समय तक वाहन खड़ा करने पर शुल्क लिया जाना उचित है, लेकिन कुछ मिनट के लिए आने-जाने वाले वाहनों से भी समान शुल्क वसूला जाना न्यायसंगत नहीं है. स्थानीय लोगों ने भी पार्किंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पार्किंग टिकट पर शुल्क, समय-सीमा और ड्रॉप-ऑफ संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है. यदि शुल्क रेलवे या अधिकृत एजेंसी के नियमों के अनुसार लिया जा रहा है तो इसकी जानकारी स्टेशन परिसर में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जानी चाहिए.
निष्पक्ष जांच कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि वसूली निर्धारित नियमों के विपरीत हो रही है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए. वहीं यदि शुल्क नियमानुसार लिया जा रहा है तो नियमों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो और वाहन चालकों की शिकायतों का समाधान हो सके.

