Chatra: पवित्र सावन माह की पहली सोमवारी के अवसर पर झारखंड के चतरा जिले में स्थित विश्वविख्यात इटखोरी भद्रकाली मंदिर के शिवालय में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पाई है. सुबह से ही भक्त पास बहने वाली पवित्र उत्तरवाहिनी नदी में स्नान कर शिवालय में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं. मंदिर परिसर में लगी लंबी कतारों में महिलाओं और पुरुषों के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों की भी अटूट आस्था देखने को मिल रही है. मंदिर के पंडित सुखदेव गिरी ने बताया कि बारिश के बावजूद भोर से ही सावन की पहली सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है.

जानिए शिवलिंग की क्या है मान्यता
इटखोरी का यह भद्रकाली मंदिर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म की आस्था का अनूठा संगम है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण सहस्र शिवलिंग है. यह कोई साधारण शिवलिंग नहीं है, बल्कि एक ही विशाल काले पत्थर पर 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग बेहद बारीकी से उकेरे गए हैं. इतिहासकारों के अनुसार, 9वीं शताब्दी के पाल वंश की यह अद्भुत कलाकृति आज भी एक रहस्य है कि बिना आधुनिक मशीन के इतनी सटीक नक्काशी कैसे की गई. मान्यता है कि इस एक शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों को एक साथ 1008 शिवलिंगों पर जल चढ़ाने का पुण्य प्राप्त होता है.

