Ranchi: झारखंड में इस मानसून सीजन में बादलों की आवाजाही तो खूब हो रही है, लेकिन बरसने के मामले में आसमान कंजूसी दिखा रहा है. राज्य में मानसून के शुरुआती दो महीनों यानी 01 जून से 03 अगस्त 2026 के बीच बारिश का आंकड़ा बेहद निराशाजनक रहा है. इस अवधि के दौरान पूरे झारखंड में सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. इस साल 01 जून से 03 अगस्त तक झारखंड में सामान्य वर्षापात 538.7 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन वास्तव में मात्र 384.7 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई.
मौसम विभाग के पैमानों के मुताबिक
राज्य में कुछ जिले ऐसे हैं जहां मानसून पूरी तरह से मेहरबान नहीं हुआ और बारिश का आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी नीचे लुढ़क गया है. गढ़वा स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है, जहां सामान्य से 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है. चतरा में 63 फीसदी कम बारिश हुई है. इसी तरह कोडरमा में 51%, गोड्डा में 49%, गिरिडीह में 47%, पलामू में 46%, हजारीबाग में 40 प्रतिशत और बोकारो में 39%, लातेहार और गुमला में 35%, रामगढ़ में 33%, जामताड़ा में 31%, देवघर में 55%, पाकुड़ में 59% कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

राजधानी रांची में 16 फीसदी कम बारिश
राजधानी रांची में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है. पूरे झारखंड में केवल पश्चिमी सिंहभूम ही एक ऐसा जिला रहा जहां सकारात्मक रुख दिखा. यहां सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश हुई है.इसके अलावा सिमडेगा में 6%, सरायकेला-खरसावां में 9% और पूर्वी सिंहभूम में 14% कम बारिश हुई है.
