लोहरदगा: छात्रों का साल बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा, JPSC परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी होगी- सांसद सुखदेव भगत

Lohardaga: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित पेपर लीक विवाद को लेकर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने सरकार का...

MP Sukhdev Bhagat
सांसद सुखदेव भगत

Lohardaga: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित पेपर लीक विवाद को लेकर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, कि राज्य सरकार छात्रों की पीड़ा को पूरी गंभीरता से समझती है और किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि JPSC द्वारा आयोजित होने वाली हर परीक्षा पूरी तरह साफ-सुथरी, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि आयोग की विश्वसनीयता बनी रहे. सांसद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है. उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि छात्रों का साल कभी बर्बाद न हो. सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता बरकरार रहे. आयोग जो भी परीक्षा कराए, वह पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष दिखाई दे.”

JPSC विवाद को राजनीतिक रंग देकर हेमंत सोरेन सरकार की छवि खराब करने की कोशिश

इस दौरान सुखदेव भगत ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC विवाद को राजनीतिक रंग देकर हेमंत सोरेन सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, कि BJP जिस तरह लगातार आरोप लगा रही है, वह कहीं न कहीं हेमंत सोरेन और हमारी सरकार को बदनाम करने की साजिश है. अपने दावे के समर्थन में सांसद ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, कि हेमंत सरकार से पहले 16 वर्षों में केवल पांच परीक्षाएं आयोजित हुईं और उन सभी पर अनियमितता एवं पेपर लीक के आरोप लगे. वहीं 2014 से 2019 के बीच पांच वर्षों में एक भी JPSC परीक्षा आयोजित नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 14वीं परीक्षा की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से सरकार बनने के बाद नौ परीक्षाएं आयोजित कराई गई हैं.

पूरे मामले की जांच कर रही CID

सुखदेव भगत ने बताया कि कथित पेपर लीक मामले में JPSC अध्यक्ष से इस्तीफा लिया जा चुका है और पूरे मामले की जांच CID कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता का समर्थन नहीं करती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. हालांकि सांसद ने यह भी माना कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है. आगे उन्होंने कहा कि “मैं किसी भी अनियमितता को सही नहीं ठहरा रहा हूं. छात्रों से संवाद होना चाहिए, सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. हमारी मंशा है कि परीक्षाएं समयबद्ध कैलेंडर के अनुसार हों और छात्रों की सभी शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जाए.”

JPSC परीक्षा विवाद के बीच सांसद सुखदेव भगत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब परीक्षा की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरे राज्य में बहस तेज है. उनके बयान ने इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार का पक्ष स्पष्ट करने का प्रयास किया है.

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