Hazaribagh: शहर के मौजा कैंटोनमेंट स्थित होल्डिंग संख्या 302 में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए खास महल की 50 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया. मौके पर पहुंचे सदर सीओ आशुतोष कुमार और बड़ा बाजार टीओपी प्रभारी मुकेश ने पाया कि झाड़ियों और पेड़ों की आड़ लेकर अंदर ही अंदर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराने की कोशिश की जा रही थी. प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण इस पूरी कोशिश पर पानी फिर गया और मौके पर चल रहे काम को तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया गया.
बाउंड्री वॉल तोड़कर बनाया गया था अवैध रास्ता
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि भू-माफियाओं ने अपनी निजी जमीन से खास महल की इस सरकारी जमीन तक पहुंचने के लिए दीवाल को तोड़कर एक अवैध रास्ता निकाल लिया था. इतना ही नहीं, खास महल के पुराने बने कमरों का इस्तेमाल गिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्रियों को स्टोर करने के लिए किया जा रहा था. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन सभी अवैध गतिविधियों के लिए कागजी प्रक्रिया और अनुमोदन की बात पूरी तरह भ्रामक है, जबकि असलियत में बिना किसी अधिकार के सरकारी संपत्ति पर कब्जे की पूरी तैयारी कर ली गई थी.
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का नाम आया सामने, FIR की जांच जारी
कार्रवाई के दौरान जब पत्रकारों ने मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की संलिप्तता और उन पर दर्ज एफआईआर के संबंध में सवाल पूछा, तो सदर सीओ आशुतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच की जा रही है. उन्होंने जानकारी दी कि इस जमीन को लेकर बड़ा बाजार थाना में कांड संख्या 289/2023 और 489/2023 के तहत पहले से ही मामला दर्ज है. पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि 2023 में किन-किन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अधिकारी ने जोर देकर कहा कि कानून के अनुसार जांच पूरी कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
आयुक्त स्तर से रिज्यूम होने के लिए सरकार को भेजा जा चुका है रिकॉर्ड
सीओ ने यह भी साफ किया कि इस 50 डिसमिल जमीन का पूरा अभिलेख पहले ही आयुक्त के स्तर से वर्ष 2025 में रिज्यूम होने के लिए राज्य सरकार को भेजा जा चुका है. इससे पहले 2023 में भी तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा इस स्थान पर बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था. बार-बार हो रहे अतिक्रमण के प्रयासों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों ने कहा कि वरीय अधिकारियों के सख्त निर्देश हैं कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जब्त होगी पूरी निर्माण सामग्री, नगर पालिका के ट्रैक्टरों से हटेगा सामान
मौके पर भारी मात्रा में मिली बालू, गिट्टी और छर्री को देखते हुए प्रशासन ने् इसे तुरंत जब्त करने का फैसला किया है. इसके लिए नगर पालिका के ट्रैक्टरों को मौके पर बुलाया गया है, ताकि सारी निर्माण सामग्री को उठाकर जब्त किया जा सके. लगातार चल रहे अभियानों से जिला प्रशासन का दावा है कि अब अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त हो रहे हैं और उनकी गतिविधियों में काफी गिरावट आई है. प्रशासन का कहना है कि जो भी व्यक्ति सरकारी संपत्ति पर नजर गड़ाएगा, उसके खिलाफ न सिर्फ जमीन खाली कराई जाएगी बल्कि थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.

