Ranchi: झारखंड के स्कूलों और कॉलेजों में अब पढ़ाई के साथ छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राज्य में नशा मुक्ति अभियान को और तेज करने की तैयारी शुरू हो गई है.शिक्षा विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों को कैंपस में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से समय रहते अवगत कराया जा सके.
पढ़ाई के साथ छात्रों से नशे के खतरों पर भी चर्चा करें
प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के दौरान शिक्षकों और प्रोफेसरों से कहा कि वे नियमित पढ़ाई के साथ छात्रों से नशे के खतरों पर भी चर्चा करें और कॉलेज-कैंपस में इसके खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाएं. इसके बाद झारखंड में भी इस दिशा में पहल शुरू हो गई है.
प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण हुआ
रांची के मारवाड़ी कॉलेज में एनएसएस की ओर से प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया. इस दौरान छात्रों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई गई और उन्हें समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि युवा वर्ग को नशे से बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
स्कूल और कॉलेज स्तर तक और मजबूत बनेगा अभियान
राज्य सरकार पहले से ही ‘नशा मुक्त झारखंड अभियान’ चला रही है. अब इस अभियान को स्कूल और कॉलेज स्तर तक और मजबूत बनाया जाएगा. इसके तहत नशा मुक्ति क्लब बनाए जाएंगे, सेमिनार, रैली, जागरूकता कार्यक्रम और काउंसलिंग सत्र आयोजित होंगे। साथ ही एनएसएस, एनसीसी और अन्य युवा संगठनों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी होगी.
स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाना उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाना है. शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों को सही दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए अब स्कूल और कॉलेजों में नशा मुक्ति को लेकर नियमित जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी.

