Ranchi: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक केरल के एर्नाकुलम में संपन्न हुई. बैठक में देशभर की शिक्षा व्यवस्था, छात्र हितों और संगठन के आगामी अभियानों पर चर्चा की गई. इस दौरान परिषद ने झारखंड, बिहार, कर्नाटक और पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामलों को गंभीर बताते हुए छात्रों के आंदोलनों का समर्थन करने की घोषणा की. ABVP ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. इसलिए संगठन निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. परिषद ने समाज के विभिन्न संगठनों और नागरिकों से भी इस आंदोलन में सहयोग देने की अपील की. बैठक में बताया गया कि झारखंड में प्रश्नपत्र लीक की खबर सामने आने के बाद ABVP ने सबसे पहले राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, हस्ताक्षर अभियान चलाया और जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए. संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में अभी भी कई संस्थागत सुधारों की जरूरत है.
उच्चस्तरीय समिति को देगा सुझाव
ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं के बाद गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष संगठन अपने सुझाव और अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा. उनका कहना है कि उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय हो.
स्वतंत्रता दिवस पर चलेंगे विशेष अभियान
बैठक में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’, ‘एक गांव-एक तिरंगा’, तिरंगा रैली और सामूहिक वंदे मातरम् गायन जैसे अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान को भी बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई, ताकि विद्यार्थियों को खेल, सामाजिक गतिविधियों और नेतृत्व विकास से जोड़ा जा सके.
वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण का स्वागत
ABVP ने संसद द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को कानूनी संरक्षण दिए जाने का स्वागत किया. संगठन ने इसे देश की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया.
केरल में संगठन विस्तार पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में केरल के शैक्षणिक संस्थानों में संगठन विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके तहत ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ और ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान को व्यापक रूप से चलाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिल सके.

