Ranchi: 14वीं JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में आइसा ने रांची समेत कई जिलों में राज्यव्यापी प्रदर्शन किया. संगठन ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है.
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ेंगी नेहा
आइसा ने बताया कि विधानसभा मार्च में जंतर-मंतर पर छात्रों की भूख हड़ताल का हिस्सा रहीं संगठन की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा भी शामिल होंगी. संगठन ने इसे राज्यव्यापी छात्र आंदोलन का बड़ा चरण बताया है.
परीक्षा रद्द करने और जांच की मांग
आइसा की राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने कहा कि 29 जुलाई से झारखंड के हजारों छात्र-युवा अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. छात्रों की प्रमुख मांगें हैं कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द की जाए, JPSC और JSSC -CGL में कथित पेपर लीक और धांधली की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया के लिए परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग की.
निजी एजेंसियों पर सवाल
राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं क्योंकि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी खुद संभालनी चाहिए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बन सके.
आंदोलन का दायरा बढ़ा
रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि आंदोलन अब केवल JPSC और JSSC तक सीमित नहीं है। इसमें JTET, सहायक आचार्य, माध्यमिक आचार्य, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी जुड़ रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द समाधान नहीं करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
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विधानसभा मार्च से सरकार पर दबाव
आइसा नेता रिया तुलिका पिंगुआ ने कहा कि 7 अगस्त को विधानसभा मार्च के माध्यम से छात्र अपनी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे. संगठन को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करेंगे.
