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वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने के लिए दो अत्याधुनिक क्राइम सीन किट की खरीद प्रक्रिया शुरू
Ranchi: झारखंड में अब अपराधियों के लिए बच निकलना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. पुलिस मुख्यालय ने संगीन अपराधों की जांच को और सटीक व वैज्ञानिक बनाने के लिए दो ‘ऑल पर्पस क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट’ खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इन अत्याधुनिक किट के जरिए पुलिस अब घटनास्थल से ऐसे सूक्ष्म साक्ष्य भी जुटा सकेगी, जो अब तक अक्सर छूट जाते थे. पुलिस महानिदेशक (प्रोविजन) कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस खरीद प्रक्रिया के तहत इच्छुक एजेंसियों से 19 अगस्त 2026 तक प्रस्ताव मांगे गए हैं, जिन्हें उसी दिन खोलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में लेने की व्यवस्था की गई है.इस पहल का मकसद साफ है हत्या, डकैती, साइबर और आर्थिक अपराध जैसे जटिल मामलों में वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करना. अब तक कई मामलों में साक्ष्य के अभाव या सही तरीके से संग्रह नहीं होने के कारण जांच प्रभावित होती रही है, लेकिन इन किट के आने के बाद पुलिस को मौके पर ही फॉरेंसिक स्तर की जांच करने में मदद मिलेगी.


क्या होगा इस हाईटेक किट में खास
– यह किट दरअसल एक मोबाइल फॉरेंसिक लैब की तरह काम करती है, जिसमें अपराध स्थल से हर तरह के साक्ष्य सुरक्षित तरीके से जुटाने के उपकरण होते हैं.

– फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट कलेक्शन: अदृश्य उंगलियों और पैरों के निशान को उभारने के लिए विशेष पाउडर और केमिकल
– डीएनए सैंपल कलेक्शन: खून, बाल, या अन्य जैविक नमूनों को बिना नुकसान सुरक्षित रखने की सुविधा
– यूवी लाइट और मैग्निफिकेशन टूल: सूक्ष्म साक्ष्य और छिपे हुए धब्बों की पहचान
– एविडेंस मार्किंग और फोटोग्राफी टूल: घटनास्थल की सटीक मैपिंग और रिकॉर्डिंग
– फैराडे बैग: डिजिटल डिवाइस (मोबाइल/हार्ड डिस्क) को डेटा छेड़छाड़ से बचाने के लिए

