Giridih: गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को आसमानी बिजली ने ऐसा कहर बरपाया कि दो अलग-अलग गांवों में हुई वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के तीन बच्चे शामिल हैं.

देवपहाड़ी में वज्रपात से चार की मौत, दो घायल
जानकारी के अनुसार, देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के समीप अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15), कुश कुमार तिवारी (18) और उमेश यादव (17) एक साथ बैठे हुए थे. इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और सभी इसकी चपेट में आ गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने अर्जुन कुमार साव, विष्णुदेव साव, गजेंद्र साव और कुश कुमार तिवारी को मृत घोषित कर दिया. गंभीर रूप से घायल उमेश यादव का इलाज जलखरियोडीह स्थित एक निजी चिकित्सा केंद्र में चल रहा है.

मृतकों में अर्जुन कुमार साव (पिता पूरन साव), विष्णुदेव साव (पिता दुलार साव) और गजेंद्र साव (पिता प्रभु साव) आपस में एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं. वहीं बिलोटांड़ गांव निवासी नरेश तिवारी के पुत्र कुश कुमार तिवारी की भी इस हादसे में मौत हो गई.

बांसडीह में दूसरी घटना, एक की मौत
इधर, देवरी थाना क्षेत्र के बांसडीह गांव के तिलयडीह टोला में भी वज्रपात की दूसरी घटना हुई. यहां धान के खेत में बिचड़ा डाल रहे संतोष तिवारी (40), पिता बिनोद तिवारी, अचानक बिजली की चपेट में आ गए. उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना में चंगचाचो निवासी सुरेंद्र तिवारी के पुत्र विक्रम तिवारी भी घायल हो गए, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है.
विधायक ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ की विधायक मंजू कुमारी देवपहाड़ी पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी. उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज राम, भाजपा नेता वीरेंद्र तिवारी, विजयनंदन तिवारी, अजय राय एवं अजय तिवारी भी मौजूद थे.
इस दौरान विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की सुरक्षा के लिए गांव-गांव में तड़ित चालक (Lightning Arresters) लगाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई विद्यालयों में तड़ित चालक लगाए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर उनकी चोरी हो गई है. उन्होंने प्रशासन से गांवों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवारों को शीघ्र सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे देवरी क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है. एक साथ पांच लोगों की मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. प्रशासन ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है.
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