Lohardaga: जिले के होनहार निशानेबाज आदित्य उरांव ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल करते हुए जिले का नाम रोशन किया है. पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित आसनसोल राइफल क्लब चांदमारी में आयोजित चौथी झारखंड स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में आदित्य ने 10 मीटर पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक अपने नाम किए. उन्होंने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर अपनी शानदार निशानेबाजी का परिचय दिया. उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं.
प्रतियोगिता में कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों ने लिया हिस्सा
झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित यह प्रतिष्ठित तीन दिवसीय प्रतियोगिता 29 से 5 अगस्त 2026 तक संपन्न हुई. प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों और नामी-गिरामी विद्यालयों के प्रतिभाशाली निशानेबाजों ने हिस्सा लिया. कड़े मुकाबले के बीच आदित्य ने धैर्य, आत्मविश्वास और सटीक निशानेबाजी का परिचय देते हुए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और चार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में हासिल की उपलब्धि
आदित्य उरांव मूल रूप से लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत चितरी डांडू गांव के निवासी हैं. आदित्य के पिता राजेश उरांव भंडरा प्रखंड कार्यालय में तृतीय वर्गीय कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सविता उरांव गृहिणी हैं. वर्तमान में आदित्य रांची के प्रतिष्ठित संत माइकल स्कूल में कक्षा नौवीं के छात्र हैं. पढ़ाई के साथ-साथ आदित्य ने खेल के क्षेत्र में भी अनुकरणीय उपलब्धि हासिल कर यह साबित कर दिया है, कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.

बचपन से ही शूटिंग के प्रति रही रुचि
आदित्य की शूटिंग के प्रति रुचि बचपन से ही रही है. तीसरी कक्षा से ही शूटिंग क्लब से उन्होंने प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था. शुरुआती दिनों से ही वे नियमित अभ्यास करते रहे और अपने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में लगातार अपनी तकनीक को बेहतर बनाते रहे. वर्षों की कड़ी मेहनत और अनुशासन का ही परिणाम है कि आज उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चार पदक जीतकर अपने परिवार, विद्यालय और जिले का नाम गौरवान्वित किया है.
आदित्य की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का विशेष योगदान माना जा रहा है. पिता राजेश उरांव ने हमेशा बेटे को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, वहीं माता सविता उरांव ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया. परिवार के सहयोग और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने आदित्य को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
भंडरा प्रखंड कार्यालय में भी उत्साह का माहौल
आदित्य की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भंडरा प्रखंड कार्यालय में भी उत्साह का माहौल है. प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी, अंचल अधिकारी दुर्गा कुमार सहित प्रखंड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राजेश उरांव और उनके पुत्र आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि आदित्य आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड और देश का नाम रोशन करेंगे.
जिले के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने भी आदित्य उरांव की इस सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है. उनका कहना है कि यदि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो लोहरदगा के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं. आदित्य की यह उपलब्धि निश्चित रूप से जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

