Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की माध्यमिक आचार्य पुनर्परीक्षा से संबंधित अरपना कुमारी एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई.
क्या दलील दी गई
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने न्यायालय के समक्ष दलील दी कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में कथित हैकिंग की कोई घटना हुई भी है तो वह परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी अथवा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रणाली से जुड़ा विषय है न कि अभ्यर्थियों की किसी गलती का परिणाम. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सभी याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में शपथपत्र दाखिल कर स्पष्ट किया है कि उनका कथित हैकिंग की घटना से कोई संबंध नहीं है. इसके बावजूद आयोग ने बिना किसी प्रारंभिक अथवा स्वतंत्र जांच कराए सीधे पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेते हुए सूचना जारी कर दी.


अगली सुनवाई 18 अगस्त को
सुनवाई के दौरान यह भी इंगित किया गया कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी पुनर्परीक्षा संबंधी सूचना में 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा का उल्लेख किया गया है जबकि आयोग ने न्यायालय में दायर अपने प्रतिशपथपत्र में 2,837 अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा के लिए बुलाए जाने की बात कही है. याचिकाकर्ताओं ने इसे आयोग के आधिकारिक अभिलेखों में स्पष्ट विरोधाभास बताते हुए न्यायालय का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया. जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तिथि निर्धारित की है.

